VIDEO: सूरत अग्निकांड में बच्चों की जान बचाने वाला युवक वेंटिलेटर पर, अस्पताल में जूझ रहा मौत से

Surat Fire Tragedy News, सूरत। गुजरात में सूरत के तक्षशिला आर्केड कोचिंग सेंटर में आग से झुलसते स्टूडेंट्स की जान बचाने वाला 25 वर्षीय युवक जतिन नकरानी अब खुद मौत से जूझ रहा है। अस्पताल में जतिन नकरानी को वेंटिलेटर पर रखा गया है। अग्निकांड के समय स्टूडेंट्स को बचाते हुए वह आग और धुएं से घिर गया था। बचने के लिए उसे बिल्डिंग से नीचे कूदना पड़ा था, तब गहरी चोट लग गई थी। उसे अस्पताल ले जाया गया था। हादसे को हफ्ता हो चला है, मगर जतिन की तबियत में सुधार नहीं हुआ है। जतिन तक्षशिला आर्केड की बिल्डिंग वाले इलाके में ही एक डिजाइन संस्थान के डायरेक्टर के पद पर है।

25 साल के डायरेक्टर ने जान पर खेलकर स्टूडेंट्स को बचाया, खुद मौत से जूझ रहा

25 साल के डायरेक्टर ने जान पर खेलकर स्टूडेंट्स को बचाया, खुद मौत से जूझ रहा

24 मई की उस दोपहर को जब इमारत में आग लगी तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया था। चंद मिनटों में ही आग सबसे ऊपर के पूरे फ्लोर पर फैल गई। कोचिंग परिसर की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल में मौजूद स्टूडेंट्स अचानक आग लगने की वजह से चीखने-चि​ल्लाने लगे। करीब 40 मिनट तक फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंच सकी, न ही छात्र-छात्राओं के बचने के लिए कोई और इंतजाम थे। ऐसे में छात्र-छात्राओं की जान बचाने वाले लोगों में जतिन भी साथ हो लिए थे। आग देखते ही वह कोचिंग वाली क्लासेस में जा घुसे। उन्होंने पहले सबसे ऊपर से नीचे का फ्लोर खाली कराया, जहां से पांच बच्चों को निकाला। इसके बाद वह दो और बच्चों को बचाने ऊपर की मंजिल पर जा पहुंचे। उन्होंने बच्चों को तो बचा लिया लेकिन खुद गिरकर घायल हो गए।

​जतिन के सिर में गंभीर चोट लगी: स्टाफ

​जतिन के सिर में गंभीर चोट लगी: स्टाफ

जतिन नकरानी के संस्थान के स्टाफ के मुताबिक, 'आग से बचकर भागने की कोशिश में गिरने से जतिन के सिर में चोट लग गई। वे गंभीर घायल हो गए। महावीर अस्पताल में उनका इलाज करवाया जा रहा है। हालांकि, उनकी तबियत काफी खराब चल रही है।'

केतन जोरवडिया को भी सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा हीरो

केतन जोरवडिया को भी सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा हीरो

जतिन के अलावा केतन जोरवडिया नाम का नौजवान भी बिल्डिंग के अगले हिस्से पर चढ़ गया था। ऊपर आग धधक रही थी और वहीं, केतन जोरवडिया चौथी और तीसरी मंजिल से गिर रहे छात्रों को बचा रहा था। उसने झूलते हुए दो लड़कियों को बचाया, वे दोनों जान बचाने के लिए चौथी मंजिल की छत से कूदी थीं। बाद में दमकलकर्मियों ने तीनों को बचाया। केतन का कहना है कि दोनों लड़कियां छलांग मारने में डर रही थीं। मैंने उन्हें पकड़कर दमकलकर्मियों तक पहुंचाया। हालांकि मेरे ही सामने बहुत से स्टूडेंट नीचे गिर गए।'

वीडियो में दिखी PGVCL की लापरवाही, मौत बन नीचे से ऊपर पहुंची बिजली

वीडियो में दिखी PGVCL की लापरवाही, मौत बन नीचे से ऊपर पहुंची बिजली

तक्षशिला एपार्टमेंट में लगी भीषण आग से जुड़ा एक वीडियो सामने आया। जिसमें दिख रहा है कि आग पीजीवीसीएल के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते फैली थी। दरअसल, पीजीवीसीएल के कर्मचारी उक्त क्षेत्र में बिल्डिंग के पास स्थित टीसी की मरम्मत करने गए थे। उन्होंने केबलों को खुला छोड़ दिया था, जिसके चलते विद्युत तारों में स्पार्क हुआ और चिंगारियों के साथ आग उत्पन्न हो गई। पावर कट नहीं होने के कारण यह आग नीचे से ऊपर की ओर बढ़ते हुए बिल्डिंग में कोचिंग सेंटर तक फैल गई। फिर तो वहां से गुजर रहे सभी लोगों को मौत का तांडव दिखा। देखते ही देखते 23 जिंदगियां खत्म हो गईं। मरने वालों में ज्यादातर 16 से 20 साल के स्टूडेंट्स थे।

हार्दिक पटेल धरना करने पहुंच गए, पुलिस ने पकड़ा

हार्दिक पटेल धरना करने पहुंच गए, पुलिस ने पकड़ा

वहीं, इस अग्निकांड के बाद सियासी गलियारे भी सुलग उठे। कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने मेयर की इस्तीफे की मांग करते सरकार पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। हार्दिक ने नगर निगम परिसर के पास धरने-प्रदर्शन का ऐलान किया। हालांकि, उन्हें मंजूरी नहीं दी गई। हार्दिक फिर भी वहां पहुंच गए तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। वह धरने पर भी नहीं बैठ पाए थे और कार रुकते ही पुलिस पहुंच गई। इस मामले में हार्दिक का कहना है कि बच्चों की मौत के लिए प्रशासन भी जिम्मेदार है।

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