जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने PM मोदी को लिखा पत्र, की कश्मीरी छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का मामला बंद करने की मांग
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने भारत-पाक टी-20 क्रिकेट विश्व कप मैच के बाद पाकिस्तान के समर्थन में व्हॉट्सएप स्टेटस अपलोड करने वाले 3 कश्मीरी छात्रों के खिलाफ देशद्रोह और एफआईआर के मामले को बंद करने की मांग की है
श्रीनगर, 1 नवंबर। जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने भारत-पाक टी-20 क्रिकेट विश्व कप मैच के बाद पाकिस्तान के समर्थन में व्हॉट्सएप स्टेटस अपलोड करने वाले यूपी के आगरा के एक कॉलेज के 3 कश्मीरी छात्रों के खिलाफ देशद्रोह और एफआईआर के मामले को बंद करने की मांग की है। इसके अलावा संघ ने तीनों छात्रों का कॉलेज से निलंबन भी रद्द करने की मांग की है।

बता दें कि आगरा के एक कॉलेज में पढ़ने वाले कश्मीर के तीन छात्रों ने भारत-पाकिस्तान मैच के बाद पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाया था और उसके फेवर में व्हॉट्सएप पर स्टेटस लगाए थे, जिसके बाद तीनों छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले के सामने आते ही तीनों छात्रों को जेल भेज दिया गया था। कोर्ट में इन कश्मीरी छात्रों को कुछ वकीलों ने भी थप्पड़ जड़े थे। कश्मीर के तीन छात्र अरशीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद गनी ने भारत पर पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाया था और राष्ट्रविरोधी नारे भी लगाए थे।
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बता दें कि आगरा एडवोकेट्स एसोसिएशन, जिला बार एसोसिएशन, अधिवक्ता सहयोग समिति के पदाधिकारियों ने इन छात्रों का केस नहीं लड़ने का फैसला किया है। उनका कहना है कि संविधान सभी को बोलने और एक साथ रहने की आजादी प्रदान करता है इसका अर्थ ये नहीं कि कोई भी व्यक्ति राष्ट्रविरोधी कृत्य करे।
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इन छात्रों को मानवीय आधार पर माफी देने की गुजारिश की थी। एक बयान में एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता नासिर खुहमी ने मुख्यमंत्री से देशद्रोह का मामला वापस लेने और छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी वापस लेने का आग्रह किया और कहा कि कॉलेज के अधिकारियों को उनका निलंबन वापस लेना चाहिए।












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