जम्मू-कश्मीर: प्रवासियों की संपत्ति की शिकायतों के निवारण के लिए LG ने लॉन्च किया पोर्टल
जम्मू कश्मीर में कश्मीरी प्रवासियों की संपत्ति से जुड़ी समस्या के निवारण के लिए मंगलवार को लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल (http://jkmigrantrelief.nic.in) लॉन्च किया गया।
श्रीनगर, 7 सितंबर। जम्मू कश्मीर में कश्मीरी प्रवासियों की संपत्ति से जुड़ी समस्या के निवारण के लिए मंगलवार को लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल (http://jkmigrantrelief.nic.in) लॉन्च किया गया। कश्मीरी प्रवासी इस पोर्टल पर घाटी में अपनी संपत्ति से जुड़ी किसी भी समस्या (ब्रिकी, अतिक्रमण, कब्जा) का पंजीकरण करा सकते हैं।

सरकार के अनुसार, पोर्टल पर दाखिल आवेदनों का राजस्व अधिकारियों द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत एक निश्चित समय सीमा में संज्ञान लिया जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट, जो सक्षम प्राधिकारी हैं,को सर्वेक्षण या संपत्तियों का क्षेत्र सत्यापन करना होगा और सभी रजिस्टरों को 15 दिनों के भीतर अपडेट करना होगा और संभागीय आयुक्त को अनुपालन रिपोर्ट जमा करानी होगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 44,167 परिवार आधिकारिक तौर पर कश्मीरी प्रवासी परिवारों के रूप में पंजीकृत हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि जो लोग कश्मीरी प्रवासियों के रूप में पंजीकृत नहीं हैं, लेकिन घाटी से चले गए हैं, वे भी पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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एक अधिकारी ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 अधिनियम के बावजूद ऐसी बहुत कम समस्याओं का समाधान किया गया है। इसलिए सरकार ने इस पोर्टल को लॉन्च किया है ताकि जल्द से जल्द एक निश्चित समय सीमा में ऐसी समस्याओं का निदान हो सके। अधिकारी ने कहा कि अधिनियम के किसी भी उल्लंघन पर जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा संज्ञान लिया जाएगा और ऐसी संपत्तियों की बेदखली, हिरासत और बहाली के लिए समय पर कार्रवाई की जाएगी। पनुन कश्मीर नाम के एक कश्मीरी पंडितों के समूह के सदस्य अग्निशेखर जो पेशे से एक लेखक और कवि भी हैं, ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। हम संकट और दबाव की सभी संपत्तियों कि बिक्री को शून्य घोषित करने की मांग कर रहे हैं। संपत्तियों की यह जबरदस्ती बिक्री भी नरसंहार का एक रूप था और यह सरकार की अक्षमता थी, जिसने ऐसा होने दिया।












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