पेरिस में हार से दुःखी टेनिस स्टार ने लिया संन्यास, भारत के लिए 22 साल खेलने वाले खिलाड़ी ने कहा खेल को अलविदा
Rohan Bopanna Retirement: पेरिस ओलंपिक में भारतीय टेनिस प्लेयर्स का प्रदर्शन निराश करने वाला रहा। सिंगल्स में सुमित नागल को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद डबल्स में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा। पुरुष डबल्स में भारत के लिए रोहन बोपन्ना और बालाजी खेल रहे थे।
हार के बाद बोपन्ना ने खेल को अलविदा कह दिया। भारत के लिए उन्होंने 22 साल टेनिस खेला। 43 साल की उम्र में उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने का कीर्तिमान हाल ही में बनाया था। रोहन बोपन्ना करियर का अंत बेहतरीन तरीके से करना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

पेरिस ओलंपिक में भारतीय जोड़ी को फ़्रांस के एडवर्ड रोजर और गेल मोनफिल्स की जोड़ी के सामने हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय जोड़ी को सीधे सेटों में हार के साथ बाहर होना पड़ा। इसके बाद बोपन्ना ने कहा कि मैंने भारतीय जर्सी में अपना अंतिम मुकाबला खेल लिया है।उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से देश के लिए मेरा यह अंतिम मैच था। मैं समझ सकता हूँ कि किस स्थिति में हूँ। मैं अब जब खेलूँगा, तब टेनिस का लुत्फ़ उठाऊंगा।
बोपन्ना ने अपने अंतिम मुकाबले को लेकर कहा कि मोनफिल्स में मुझे बताया कि यह सबसे अच्छा डबल्स मुकाबला था। वह तेज सर्विस कर रहा था और सिंगल्स के बाद इस मैच में भी गेंद के ऊपर उनका गजब का नियंत्रण था। लोकल फैन्स का समर्थन भी उनके पास था। फ़्रांस के फैन्स अपने प्लेयर्स का लगातार हौसला बढ़ा रहे थे।
अपने सबसे यादगार मैच के बारे में बताते हुए बोपन्ना ने कहा कि 2010 में ब्राजील के खिलाफ डेविस कप मैच शानदार था। वह पल और उसके बाद सर्बिया के खिलाफ पांच सेटों में मुकाबला जीतना यादगार है। बोपन्ना ने कहा कि वह अब तक का मेरा बेस्ट पल है। गौरतलब है कि डेविस कप से बोपन्ना पहले ही संन्यास ले चुके थे।












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