विनेश फोगाट के चक्कर में चकनाचूर हुआ सपना? रेसलर ने बताई अन्याय की कहानी
Wrestler Shivani Pawar: हर किसी की नजरें इस वक्त भारतीय पहलवान विनेश फोगाट पर टिकी हुई हैं। मगर कोई देश की उस बेटी की बात नहीं कर रहा, जिसके ओलंपिक में जाने का सपना धरा का धरा ही रह गया। अगर सब सही होता, तो शिवानी विनेश फोगाट की जगह 50 किलोग्राम वर्ग में खेल रही होतीं।
हम बात कर रहे हैं भारतीय पहलवान शिवानी पवार की। वो पहलवान जो ओलंपिक में इतिहास रचने का सपना देखती रह गई मगर ये सपना ऐसा चकनाचूर हुआ कि वो गुमनाम रह गईं। वो शिवानी पवार, जिन्होंने विनेश के चयन को गलत बता दिया।

कौन हैं शिवानी पवार?
शिवानी पवार मध्यप्रदेश की पहली महिला खिलाड़ी है, जिन्होंने नेशनल गेम्स मेकं साल 2021 से लगातार 3 गोल्ड मेडल जीते हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाली शिवानी की प़ाई छिंदवाड़ा जिले के पंडित विशंभर नाथ हाईस्कूल उमरेठ से हुई। शिवानी की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और छोटी बहन कुश्ती में हैं। वहीं उनका सबसे छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है।
शिवानी का सपना ओलपिक में परफॉर्म करने का था मगर वे नहीं कर सकीं। इसके पीछे की वजह जानते हैं...
दरअसल, भारतीय कुश्ती संघ ने पेरिस ओलंपिक 2024 के कुछ महीने पहले कुश्ती के ट्रायल ना करवाने की घोषणा की थी। ऐसे में मध्य प्रदेश के कई सारे पहलवानों के सपने चकनाचूर हो गए। इस कड़ी में शिवानी का नाम भी शामिल था।
वहीं 'दैनिक भास्कर' संग एक इंटरव्यू में विनेश फोगाट के सिलेक्शन को शिवानी ने गलत बताया है। शिवानी ने कहा कि 53 किलोग्राम वाली कैटेगरी में विनेश और मेरा ट्रायल साथ ही हुआ। मगर 50 किलो की वेट कैटेगरी में उसका ट्रायल सिंगल लिया गया। मुझसे बाद में ट्रायल लेने की बात कही गई मगर फिर नहीं लिया गया।
नियम के हिसाब से तो ट्रायल होने थे। मगर अचानक से सब कुछ बदल गया। क्यों, कैसे, कुछ कह नहीं सकते। शिवानी ने इस ट्रायल का विरोध भी दर्ज कराया था।
बताते चलें कि शिवानी पवार ने अपने करियर में पैसे की खूब किल्लत देखी है। वे ऐसे ही इतने बड़े मुकाम तक नहीं पहुंची। रेसलिंक कंपटीशन में भाग लेकर वे पैसे कमाया करती थीं। मगर परिवार ने इतना सपोर्ट किया कि आगे चलकर वे नेशनल चैंपियन बनीं।












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