अरशद नदीम को रास नहीं आया ससुर से मिला गिफ्ट! बताया भैंस की जगह क्या चाहते थे ओलंपिक चैंपियन?
पेरिस ओलंपिक में अरशद नदीम ने जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर पाकिस्तान के स्वर्ण पदक के 40 साल के सूखे को खत्म किया था। एथलीट के पाकिस्तान लौटते ही उनपर पैसों की बारिश हो रही है। सरकार ने उन्हें मोटी रकम के साथ एक नई कार तक गिफ्ट की है, लेकिन अरशद को अपने ससुर से मिला गिफ्ट कुछ खास पसंद नहीं आया।
गिफ्ट में भैंस मिलने पर नदीम ने ली चुटकी
पाकिस्तानी एथलीट के गोल्ड मेडल जीतने की खुशी में उनके ससुर मोहम्मद नवाज ने उन्हें भैंस गिफ्ट में दी। इस गिफ्ट को लेकर नदीम ने तब चुटकी ली, जब वे एआरवाई न्यूज़ चैनल को पत्नी के साथ इंटरव्यू दे रहे थे। इस दौरान नदीम ने कहा कि, 'इन्होंने (पत्नी) मुझे बताया कि अब्बू ने भैंस दी है। मुझे पांच एकड़ जमीन देते। चलो भैंस देकर भी बढ़िया काम किया है।'

इंटरव्यू में नदीम ने कार्यक्रम के होस्ट वसीम बादामी से बातचीत में कहा कि, 'भैंस ही दी है। वो इतने अमीर है कि भैंस ही देनी थी। मैंने इनसे (पत्नी) कहने को कहा था, लेकिन मुझे लगता है कि अभी तक नहीं कहा है।'
ससुर ने बताया गिफ्ट में भैंस क्यों दी
रिपोर्ट्स के मुताबिक नवाज़ ने बताया कि उन्होंने अपने समुदाय की गहरी परंपराओं और नदीम के ग्रामीण परिवेश से गहरे जुड़ाव के कारण भैंस देने का फ़ैसला किया। नदीम के सासुर नवाज़ अपने परिवार के साथ गांव में रहते हैं, जिसमें चार बेटे और तीन बेटियां हैं। उनकी बेटी आयशा की शादी नदीम से हुई है, और उनके दो बेटे और एक बेटी है।
मालूम हो कि नदीम ने पेरिस ओलंपिक के जैवलिन थ्रो इवेंट में 92.97 मीटर के थ्रो के साथ ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस इवेंट में भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा ने 89.45 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
संघर्षों से भरी है अरशद नदीम की कहानी
अरशद नदीम की कहानी संघर्षों से भरी रही है और पाकिस्तान जैसे देश में ये संघर्ष और भी ज्यादा बढ़ जाते हैं। अलग-अलग तरह की बाधाओं के बाद भी नदीम ने 32 साल बाद पाकिस्तान को पहला ओलंपिक मेडल दिलाया है और वो भी गोल्ड के रूप में। जैवलिन थ्रो फाइनल में उनके 92.7 मीटर थ्रो के पीछे की कहानी बहुत कुछ बयां करती है।
नदीम की यात्रा विपरीत परिस्थितियों पर विजय पाने का प्रमाण
नदीम की यात्रा विपरीत परिस्थितियों पर विजय पाने का प्रमाण है। अन्य देशों में एथलीटों को मिलने वाली बड़ी-बड़ी सुविधाओं और गैजेट्स की कमी के बावजूद, उन्होंने अपने करियर में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस साल की शुरुआत में, जब नदीम ने प्रशिक्षण के लिए एक नए भाले की अपील की, तो नीरज चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर उनका सपोर्ट किया, जिसमें दोनों एथलीटों के बीच खेल भावना को उजागर किया गया।
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नदीम ने पाकिस्तान को दिलाया तीसरा ओलंपिक मेडल
नदीम ने 27 वर्ष की आयु में पाकिस्तान के लिए पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उपलब्धि देश का तीसरा ओलंपिक पदक है, इससे पहले उसने रोम 1960 में कुश्ती में और सियोल 1988 में मुक्केबाजी में पदक जीता था।












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