मनिका बत्रा और श्रीजा अकुला ने पेरिस ओलंपिक में अपना ऐतिहासिक सफर समाप्त किया
पेरिस ओलंपिक में भारत का ऐतिहासिक सिंगल्स टेबल टेनिस अभियान बुधवार को समाप्त हो गया, जिसमें मनीषा बत्रा और श्रीजा अकुला 16 के राउंड में बाहर हो गए। मनीषा का सामना जापान की मियू हिरानो से हुआ, जो रैंकिंग में उनसे ऊपर थी, जबकि श्रीजा ने अपने 26वें जन्मदिन पर दुनिया की नंबर एक यिंगशॉ सन के साथ मैच खेला।

मनीषा बत्रा ने ओलंपिक टेबल टेनिस में प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। हालांकि, वह मियू हिरानो के खिलाफ संघर्ष करती रहीं और 6-11, 9-11, 14-12, 8-11, 6-11 से हार गईं। दूसरे और तीसरे गेम में बढ़त लेने के बावजूद मनीषा अपनी लय बनाए रखने में नाकाम रहीं।
"मैं और मेहनत कर सकती थी। मैं शुरूआत से खुश नहीं थी। मैं अंदर से खुश नहीं हूँ। तीसरे गेम के बाद मुझे आत्मविश्वास मिला लेकिन उसने अच्छे स्तर पर खेला। यह दर्द होता है। शायद मैं जीतने के लिए बहुत कोशिश कर रही थी। मुझे शांत रहना चाहिए था," मनीषा ने मैच के बाद कहा।
मनीषा के फोरहैंड में अनियमितता थी, जिसे उन्होंने अपनी हार का एक महत्वपूर्ण कारक बताया। उन्होंने अपनी निराशा के बावजूद टीम इवेंट के लिए तैयार रहने की आवश्यकता को स्वीकार किया।
श्रीजा अकुला की लड़ाई
श्रीजा अकुला ने भी सिंगापुर की जियान जेंग पर कड़ी लड़ाई के बाद 16 के राउंड में प्रवेश किया। अपने जन्मदिन पर, उनका सामना यिंगशॉ सन से हुआ और वह 10-12, 10-12, 8-11, 3-11 से हार गईं। श्रीजा के पास गेम जीतने के मौके थे लेकिन वे उनका फायदा नहीं उठा पाईं।
श्रीजा के पास दूसरे गेम में पांच गेम पॉइंट थे लेकिन लगातार छह पॉइंट गंवाकर वह इसे गंवा बैठीं। वह पहले दो गेमों में सन को चुनौती देने में सफल रहीं लेकिन सन की शक्तिशाली वापसी के खिलाफ संघर्ष करती रहीं।
भविष्य की संभावनाएं
दोनों खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के इस चरण तक पहुँचकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर भारतीय टेबल टेनिस में विकास की गुंजाइश है। अब ध्यान टीम इवेंट पर है, जहाँ वे अपनी छाप छोड़ने का लक्ष्य रखेंगे।
मैच के मुख्य अंश
मनीषा ने मियू हिरानो के खिलाफ अपने मैच में अच्छी शुरुआत की लेकिन अपनी बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहीं। वह पहला गेम जल्दी से गंवा बैठीं लेकिन दूसरे और तीसरे गेम में वापसी की। तीसरे गेम में 7-2 से आगे होने के बावजूद मियू ने अंतर को कम कर दिया और अंततः जीत हासिल की।
यिंगशॉ सन के खिलाफ श्रीजा के मुकाबले में उन्हें कड़ी लड़ाई लड़नी पड़ी लेकिन वे पीछे रह गईं। उनके पास अपना जन्मदिन यादगार बनाने का मौका था, लेकिन वे अपनी बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहीं।
आगे देखते हुए
भारतीय खिलाड़ी अब ओलंपिक में टीम इवेंट पर ध्यान केंद्रित करेंगे। मनीषा और श्रीजा दोनों ने दिखाया है कि वे उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं और अपने देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखेंगे।
पेरिस ओलंपिक में उनका सिंगल्स में सफर समाप्त हो सकता है, लेकिन उनके प्रयासों ने भारतीय टेबल टेनिस में भविष्य की सफलताओं की नींव रखी है।












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