'अगर कोई मेरी मां बहन के बारे में....,' जब यशस्वी जायसवाल को अजिंक्य रहाणे ने कर दिया था बाहर
Yashasvi Jaiswal: आईपीएल 2023 में बल्ले से बवाल मचाने वाले युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल ने अपने प्रदर्शन से सिर्फ फैंस को ही नहीं बल्कि टीम इंडिया के सेलेक्टर्स को भी प्रभावित किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का ही नतीजा है कि बसीसीआई ने भारत की 16 सदस्यीय टेस्ट टीम में युवा को वेस्टइंडीज दौरे के लिए शामिल किया है। जायवाल ने उस दौरा को भी देखा है, जब अजिंक्य रहाणे ने उन्हें मैदान से बाहर कर दिया था।
दरअसल, जायसवाल ने टीम इंडिया का सफर तय करने में बहुत संघर्ष का सामना किया है। उन्होंंने अपने स्वभाव से पूर्व खिलाड़ियों को हमेशा प्रभावित किया है, खासकर इस साल के आईपीएल मैच में बल्लेबाज ने कमाल का प्रदर्शन किया, लेकिन रणजी ट्रॉफी में उनके आपा खोने की एक घटना सामने आयी है।

दरअसल, ये पूरा मामला दलीप ट्रॉफी के एक मैच के दौरान का है, जहां उनके कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जयसवाल को मैदान से बाहर भेज दिया था, क्योंकि वह लगातार साउथ जोन (विपक्षी टीम) के खिलाड़ी रवि तेजा से बहस रहे थे। उस घटना को याद करते हुए, जयसवाल ने कहा कि उन्होंने कुछ भी बुरा नहीं कहा था और कहा था कि उनके अंदर कुछ आक्रामकता है जो समय-समय पर सामने आती रहती है।
जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने द लल्लनटॉप पर बातचीत के दौरान कहा कि, 'अब उन चीजों के बारे में बात करने से क्या फायदा जो पहले ही हो चुकी हैं।' मैं मानसिक रूप से आक्रामक हूं। मुझे लगता है कभी-कभी यह बात सामने आ जाती है। लेकिन मैंने उस समय कुछ भी बड़ा नहीं कहा था लेकिन यह ठीक है, चीजें होती रहती हैं, और बाद में इसके बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है।'
जयसवाल ने कहा कि अगर भविष्य में उन्हें इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाई प्रोफाइल टेस्ट खेलते समय स्लेजिंग का सामना करना पड़ता है, तो वह लंबे समय तक चुप रहना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि, 'मैं कुछ नहीं कहना चाहता। मैं इसे अपने पास रखना पसंद करूंगा, इसे स्पंज की तरह सोख लूंगा। जब मुझे इसे निचोड़ने की जरूरत होगी, मैं करूंगा।'
'ऐसा हर किसी के साथ होता है'
उन्होंने कहा कि चाहे क्रिकेट किसी भी फॉर्मेक का खेला जा रहा हो, बहस होना काफी आम है। उन्होंने कहा कि आईपीएल जैसे आयोजनों में यह उतना स्पष्ट नहीं होता, जितना लंबे फॉर्मेट वाले क्रिकेट में होता है। उन्होंने कहा कि, यह इस पर निर्भर करता है कि कौन क्या कह रहा है। अगर कोई मेरी मां या मेरी बहन के बारे में कुछ कहता है, तो मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा।'
रहाणे ने उस समय इस घटना पर कहा था कि, 'कुछ नियम हैं जो उन्हें प्रिय हैं, यही वजह है कि उन्होंने जयसवाल को बाहर कर दिया। आपको नियमों का पालन करना होगा, अपने विरोधियों और अंपायरों का सम्मान करना होगा। मैं हमेशा अपने विरोधियों, अंपायरों और मैच अधिकारियों का सम्मान करने में विश्वास करता हूं। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आप मैदान से बाहर हो जायेंगे। यही मेरा मंत्र है।'












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