IND vs BAN: BCCI ने ईशान पर क्यों नहीं लगाया दांव, बिहार के लाल की अनदेखी का कहीं ये कारण तो नहीं
ईशान किशन की लाल गेंद वाले क्रिकेट में वापसी ने सोशल मीडिया पर काफी दिलचस्पी पैदा की है। उन्होंने बुची बाबू टूर्नामेंट में झारखंड के लिए शतक बनाकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के कारण उन्होंने दलीप ट्रॉफी 2024 के लिए इंडिया सी में वापसी की, जहां उन्होंने शानदार शतकीय पारी खेली, इसके बाद भी किशन को बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मैच के लिए नहीं चुना गया।
दूसरे मैच में शतक लगाकर की जोरदार वापसी
टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इस समय दलीप ट्रॉफी 2024 में अपना जलवा दिखा रहे हैं। पहला मैच मिस करने के बाद उन्होंने दूसरे मैच में शतक जड़ते हुए जोरदार वापसी की। इंडिया सी का प्रतिनिधित्व करते हुए किशन ने इंडिया बी के खिलाफ 126 गेंदों का सामना किया और 88.10 के स्ट्राइक रेट से 111 रन बनाए, जिसमें 14 चौके और तीन छक्के शामिल हैं।

बिहार के लाल की अनदेखी का कहीं ये कारण तो नहीं
इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद, किशन को भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया, जिसके अपने अलग कारण हो सकते हैं। दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) मैनेजमेंट ने पहले अनुशासन संबंधी मुद्दों और घरेलू क्रिकेट को गंभीरता से न लेने के कारण उन्हें बाहर रखा था। उन्होंने संकेत दिया था कि घरेलू क्रिकेट में वापसी से उन्हें एक और मौका मिल सकता है।
किशन ने बुची बाबू टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बाद उन्हें गंभीर चोट लग गई। इस चोट के कारण वे दलीप ट्रॉफी के पहले मैच से बाहर हो गए। हालांकि, दूसरे मैच में शतक लगाकर उन्होंने शानदार वापसी की।
ईशान को फिटनेस पर देना होगा ध्यान
ऐसी अटकलें हैं कि अगर किशन अपनी फिटनेस बनाए रखते हैं, तो उन्हें लगातार मौके मिल सकते हैं। उनके हालिया प्रदर्शनों ने उनकी क्षमता को दर्शाया है, लेकिन सभी प्रारूपों में भारतीय टीम के भीतर प्रतिस्पर्धा कड़ी बनी हुई है।किशन की यात्रा उन चुनौतियों को उजागर करती है जिनका सामना क्रिकेटरों को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल में अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए करना पड़ता है।
दूसरे टेस्ट के लिए टीम में बदलाव की संभावना
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली समिति ने बांग्लादेश के खिलाफ शुरुआती टेस्ट के लिए ही भारतीय टीम का चयन किया है। ईशान के हालिया शतक ने इस महीने के आखिर में कानपुर में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए टीम में बदलाव की संभावनाएं खोल दी हैं। उनका प्रदर्शन जुरेल और पंत पर भी दबाव डाल सकता है क्योंकि वे आगामी मैचों की तैयारी कर रहे हैं।
ईशान की शानदार फॉर्म अक्टूबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए जुरेल और पंत को चुनौती दे सकती है। उनका लगातार अच्छा प्रदर्शन चयनकर्ताओं के फैसलों को प्रभावित कर सकता है और टीम के भीतर प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकता है।
ईशान किशन की अनदेखी क्यों की गई?
ईशान किशन की अनदेखी की बात करें तो ये प्रैक्टिकल रूप इतना आसान नहीं है, क्योंकि किसी भी मुकाबले के लिए राष्ट्रीय टीम और फिर प्लेइंग इलेवन के लिए खिलाड़ियों का चयन एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें प्रदर्शन, अनुभव और रणनीतिक विचारों सहित कई फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाता है।












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