कौन हैं सलाम बयाश? गरीबी में तिलक वर्मा को दिया खाना, रहने के लिए दी छत और कोचिंग से की मदद
Tilak Varma Coach: रातोंरात हीरो बनने के लिए सिर्फ एक ही दिन लगता है। तिलक वर्मा भी उन प्लेयर्स में से एक बन गए हैं, जिनको देश भर में एक रात के धमाके की वजह से पसंद किया जाने लगा है। पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप के फाइनल मैच में उन्होंने नाबाद फिफ्टी जड़कर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। तिलक वर्मा ने मुश्किल स्थिति में भारत को संकट से बाहर निकालते हुए खिताब दिलाया था।
जब तिलक वर्मा क्रिकेट की दुनिया में उभर रहे थे और संसाधनों की कमी से जूझ रहे थे, उसी समय एक नाम था जिसने न केवल उन्हें कोचिंग दी, बल्कि उन्हें जीने और खेलने की सुविधा भी मुहैया कराई, वह हैं सलाम बयाश। हैदराबाद के इस कोच ने तिलक वर्मा के परिवार की आर्थिक चुनौतियों को समझा और उनके लिए खाना, रहने और कोचिंग तीनों का इंतज़ाम किया।

सलाम बयाश ने की खाने-रहने की व्यवस्था
तिलक के पिता एक मामूली पेशे में लगे थे, जिससे घर चलाना मुश्किल था। उन हालातों में सलाम बयाश ने उन्हें न केवल क्रिकेट सिखाया बल्कि रोज़ भोजन और छत मुहैया कराना भी सुनिश्चित किया। जिसके कारण तिलक न केवल मैदान पर बल्कि ज़िंदगी में भी आत्मविश्वासी बने।
आज तिलक वर्मा भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं और उन्होंने एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है। IPL में भी तिलक की बल्लेबाज़ी ने सबका ध्यान खींचा। हर बार तिलक जब किसी इंटरव्यू में होते हैं, वे अपने कोच सलाम बयाश का नाम ज़रूर लेते हैं।
तिलक के कोच ने मैच के बाद क्या कहा
पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर सलाम बयाश ने कहा कि मैच से पहले मैंने तिलक से बात की और उसे कहा था कि मैच को अच्छे से खत्म करना, और नतीजा आपके सामने है।
तिलक वर्मा की कहानी बताती है कि अगर एक सच्चा गुरु मिल जाए, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता मिल सकती है। सलाम बयाश जैसे कोच भारतीय क्रिकेट के ऐसे हीरो हैं, जिनके बारे में ज्यादा बात तो नहीं होती लेकिन उन्होंने तिलक वर्मा जैसा स्टार भारतीय क्रिकेट को दिया। तिलक खुद इस बात को मानते हैं, इससे बड़ी बात एक कोच के लिए और क्या हो सकती है।












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