चीयरलीडर से शादी करने वाले 2 क्रिकेटर कौन? एक को काटने पड़ रहे कोर्ट के चक्कर, करोड़ों रुपये का लगा चूना
Cricketers Married to Cheerleaders: क्रिकेट की चकाचौंध भरी दुनिया में अक्सर मैदान पर चौकों-छक्कों के साथ-साथ दिल टूटने और जुड़ने की कहानियाँ भी सुर्खियां बटोरती हैं। ऐसी ही एक सनसनीखेज प्रेम कहानी एक दिग्गज भारतीय क्रिकेटर की है, जिसने बाउंड्री लाइन पर अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने वाली एक खूबसूरत चीयरलीडर को अपना दिल दे दिया था। दो क्रिकेटरों को चीयरलीडर्स से प्यार हुआ और शादी भी की।
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां का कानूनी विवाद इन दिनों चरम पर है। यह कहानी साल 2012 में आईपीएल के दौरान शुरू हुई थी, जब शमी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए खेल रहे थे और हसीन जहां वहां एक चीयरलीडर के रूप में काम कर रही थीं।

पहली नजर के प्यार के बाद दोनों ने साल 2014 में निकाह किया, लेकिन 2018 में हसीन जहां द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह रिश्ता पूरी तरह बिखर गया। मैदान से शुरू हुआ यह सफर अब सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की दहलीज पर खड़ा है, जहां करोड़ों रुपये के गुजारा भत्ता को लेकर जंग छिड़ी हुई है।
ताजा अपडेट के अनुसार कलकत्ता हाई कोर्ट ने जुलाई 2025 में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मोहम्मद शमी को हर महीने 4 लाख रुपये का गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। इसमें से 1.5 लाख रुपये हसीन जहां के लिए और 2.5 लाख रुपये उनकी बेटी के खर्च के लिए तय किए गए।
मेहनत की कमाई से जा रहे पैसे
हालांकि हसीन जहां इस राशि से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हसीन का दावा है कि शमी की सालाना आय लगभग 7 करोड़ रुपये (करीब 60 लाख रुपये महीना) है, इसलिए उन्हें हर महीने 10 लाख रुपये मिलने चाहिए। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर शमी को नोटिस जारी करते हुए टिप्पणी की है कि क्या 4 लाख रुपये की राशि पर्याप्त नहीं है?
कानूनी लड़ाई और मानसिक तनाव
मोहम्मद शमी के लिए यह कानूनी लड़ाई न केवल मानसिक तनाव का कारण बनी है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी बड़ी चपत लगा रही है। शमी पहले ही करोड़ों रुपये का एरियर (बकाया) दे चुके हैं और अब भी यह मामला अदालत में लंबित है। जहां एक तरफ शमी मैदान पर अपनी शानदार गेंदबाजी से वापसी की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ निजी जिंदगी के ये विवाद उनकी साख और बैंक बैलेंस दोनों पर भारी पड़ रहे हैं। फैंस के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि चीयरलीडर से शुरू हुई यह प्रेम कहानी आज इस कड़वे मोड़ पर कैसे पहुँच गई, जहाँ करोड़ों रुपये की मांग और कोर्ट के चक्कर खत्म होने का नाम नहीं ले रहे।
मोहम्मद शमी और हसीन जहां के विवाद के साथ-साथ क्रिकेट जगत में दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक और उनकी पत्नी साशा हर्ले की कहानी का भी अक्सर जिक्र होता है, लेकिन इनकी दास्तां कड़वाहट के बजाय एक 'सक्सेसफुल' लव स्टोरी की मिसाल है। डी कॉक की मुलाकात साशा से साल 2012 में एक चैंपियंस लीग मैच के दौरान हुई थी, जहां साशा एक चीयरलीडर थीं। मैच जीतने के बाद साशा ने डी कॉक को बधाई दी और यहीं से उनकी बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, जो बाद में प्यार और फिर 2016 में शादी में बदल गया।
दूसरा खिलाड़ी विदेश से आता है
डी कॉक की कहानी इसलिए अलग है क्योंकि जहां कई बार क्रिकेटर्स और चीयरलीडर्स के रिश्ते विवादों में घिर जाते हैं, वहीं साशा उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरीं। हालांकि, शादी के बाद उन्हें भी कई उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ा और डी कॉक ने अपनी निजी जिंदगी और परिवार को समय देने के लिए कम उम्र में ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया था। आज यह जोड़ा एक खुशहाल जिंदगी बिता रहा है, जो यह साबित करता है कि मैदान से शुरू हुआ हर इश्क विवादों में नहीं बल्कि एक खूबसूरत सफर में भी बदल सकता है।












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