5 शतक के बाद भी हार! लीड्स में क्यों फेल हुई गिल ब्रिगेड? जानें बड़ी गलतियां
IND vs ENG 1st Test: भारत और इंग्लैंड के बीच लीड्स में खेला गया पहला टेस्ट मैच क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत की तरफ से पहली और दूसरी पारी मिलाकर कुल 5 शतक लगे। लेकिन इसके बावजूद भी टीम इंडिया को 5 विकेट से हार झेलनी पड़ी। यह टेस्ट क्रिकेट में पहली बार हुआ जब किसी टीम के 5 बल्लेबाजों ने शतक लगाए और फिर भी टीम हार गई।
लचर फील्डिंग और ड्रॉप कैच (IND vs ENG 1st Test)
मैच के दौरान भारत ने कई अहम कैच छोड़े। बेन डकेट का कैच शतक से पहले जशस्वी जायसवाल ने ड्रॉप किया। इसके अलावा ज़क क्रॉली को भी मौका मिला। इन मिसफील्डिंग ने इंग्लैंड को बड़े साझेदारी करने का मौका दिया। किसी भी मुकाबले को जीतने के लिए फील्डिंग की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है, ऐसे में टीम की हार की सबसे बड़ी वजह फील्डिंग को माना जा सकता है।

शुभमन गिल की डिफेंसिव कप्तानी
अपने पहले टेस्ट में कप्तान बने शुभमन गिल ने पांचवें दिन शुरुआत से ही डिफेंसिव फील्ड लगाई। बहुत से फील्डर बाउंड्री पर थे, जिससे इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बिना दबाव के रन बनाने का मौका मिला। अगर थोड़ी आक्रामक कप्तानी होती, तो शायद मैच का रुख बदल सकता था। शुभमन गिल की डिफेंसिव कप्तानी को लेकर फैंस और कई दिग्गज भी सवाल उठा रहे हैं।
गेंदबाजों का असरदार प्रदर्शन नहीं
जसप्रीत बुमराह को छोड़कर भारत के बाकी तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर ने बहुत निराश किया। वे न तो स्विंग करा सके, न ही बैट्समैन पर दबाव बना सके। विकेट भी बहुत देर से आए, जब तक इंग्लैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था। ऐसे में वहां से भारत के लिए मुकाबले में वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया था।
गेंद बदलने की जिद में वक्त गंवाना
पांचवें दिन भारतीय टीम बार-बार गेंद बदलने की मांग करती रही, जिससे खेल में रुकावटें आईं और फोकस भी हिला। इसका फायदा इंग्लैंड को मिला, जिन्होंने बिना किसी परेशानी के रन बटोरना जारी रखा।
188 रन की साझेदारी को नहीं रोक पाना
बेन डकेट और ज़क क्रॉली ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने 188 रन की साझेदारी कर भारत की उम्मीदों को तोड़ दिया। फिर जो रूट और जेमी स्मिथ ने मैच को स्टाइल में खत्म किया।












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