धोनी-सचिन को युद्ध होने पर कब बुलाया जाएगा? दोनों हैं भारतीय सेना में ऑफिसर, पहले भी क्रिकेटर लड़ चुका जंग
ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों की चूलें हिला डाली हैं। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से लगातार गीदड़भभकी दी जा रही है। भारतीय सेना हर खतरे से निपटने के लिए तैयार है। तीनों सेनाओं ने एक साथ मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दिया।
खेल या अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वाले कुछ लोगों को सेना में सम्मानित पद मिलते हैं। उनमें सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी का नाम भी है। दोनों को ऑफिसर रैंक मिला है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या तेंदुलकर और धोनी को भी युद्ध के लिए जाना पड़ेगा?

सचिन तेंदुलकर को भारतीय वायु सेना में 2010 में ग्रुप कैप्टन की सम्मानित रैंक पर पदासीन किया गया था। धोनी को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल पद से सम्मानित किया गया था। धोनी तो सेना में जाकर समय भी बिताते आए हैं। उनका हौसला भी बढ़ाते हैं। अब सवाल है कि क्या बड़ी जंग होने पर इन दोनों को भी देश सेवा के लिए जाना पड़ेगा?
सचिन-धोनी किस बटालियन का हिस्सा
ये खिलाड़ी टेरिटोरियल आर्मी का हिस्सा हैं, जो स्वैच्छिक नागरिकों को ट्रेनिंग देकर आपात स्थिति के लिए तैयार करती है। धोनी भी बतौर लेफ्टिनेंट कर्नल इस आर्मी का हिस्सा हैं और कई बार वह इसके प्रचार के लिए जाते हैं। उनकी भूमिका हौसला अफजाई और प्रचार तक रहती है। सचिन तेंदुलकर का रोल भी वायु सेना में प्रतीकात्मक है। उनका मुख्य काम युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करना है।
टेरिटोरियल आर्मी ने पहले भी लड़ा है युद्ध
टेरिटोरियल आर्मी को जंग में भाग लेने के लिए सबसे पहले नहीं भेजा जाता है। भारतीय सेना ही आगे जाती है। इसके अलावा पैरा मिलिट्री फोर्सेज की मदद ली जाती है। ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही टेरिटोरियल आर्मी की मदद ली जाती है। इसे सेकंड लाइन ऑफ़ डिफेन्स कहते हैं। इससे पहले इस आर्मी ने जंग में हिस्सा लिया था। 1962 से लेकर 1965, 1971 और कारगिल युद्ध तक टेरिटोरियल आर्मी ने लड़ाई में अपना काम किया है।
भारतीय क्रिकेटर था विश्व युद्ध में शामिल
भारत के स्टार क्रिकेटर रह चुके हेमू अधिकारी ने दूसरे विश्व युद्ध में हिस्सा लिया था। वह उस समय लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सम्मानित थे। भारतीय टीम के लिए हेमू अधिकारी ने 21 टेस्ट मुकाबले खेले थे। सीके नायडू और कपिल देव को भी भारतीय सेना में मानद उपाधि मिली है। ऐसे में आवश्यकता पड़ती है, तो धोनी और सचिन को भी जंग में बुलाया जा सकता है लेकिन इसकी संभावना काफी कम है।












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