'लोग मानते हैं मुझे एक फेल कप्तान', विराट कोहली ने की अपनी कप्तानी और ICC टूर्नामेंट ना जीतने पर खुलकर बात

Virat Kohli Captaincy: विराट कोहली ने अपन कप्तानी में वर्ल्ड कप ना जीतने पर खुलकर बात की। आइए जानते हैं कोहली खुद को कैसा कप्तान आंकते हैं?

Virat Kohli

Virat Kohli on 'Fail' Captain: भारतीय टीम के बल्लेबाज विराट कोहली ने इस बात को लेकर हैरानी जताई है कि उन्होंने कप्तानी में बेहतर रिकॉर्ड रखने के बावजूद यही सुना है कि वह एक 'फेल कप्तान' हैं क्योंकि आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीता पाए। कोहली इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते और कहते हैं कि उन्होंने कई बार आईसीसी इवेंट्स में नॉकआउट स्टेज में भारतीय टीम को लीड किया और वर्ल्ड कप के साथ-साथ चैंपियंस ट्रॉफी भी खिलाड़ी के तौर पर भी जीत चुके हैं। कोहली की कप्तानी में भारत 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा था जहां वे पाकिस्तान से हारे थे और फिर वनडे वर्ल्ड कप में 2019 में सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने उनको मात दी थी।

कप्तानी पर सवाल उठाने वालों को कहा

कप्तानी पर सवाल उठाने वालों को कहा

विराट कोहली ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के 2021 संस्करण में भी भारतीय टीम को फाइनल तक पहुंचाया था। उन्होंने टीम को आईसीसी इवेंट्स के नॉकआउट में पहुंचाने का बेहतरीन काम किया है लेकिन जब लोग उनको एक फेल कप्तान बताते हैं तो कोहली इस बात को समझ नहीं पाते और इस पर उन्होंने खुलकर बात की है। विराट कोहली ने आरसीबी पॉडकास्ट सीजन 2 पर उनकी कप्तानी पर सवाल उठाने वालों को कहा, जब आप खेलते हैं तो जीतने के लिए ही खेलते हैं। 2017 चैंपियंस ट्रॉफी, 2019 वर्ल्ड कप, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 2021 के T20 वर्ल्ड कप में मैंने कप्तानी की है। चार आईसीसी टूर्नामेंट के बाद मुझे एक फेल कप्तान के तौर पर जाना जाता है।"

 ऐसे भी लोग रहे हैं जिन्होंने कभी विश्वकप नहीं जीता

ऐसे भी लोग रहे हैं जिन्होंने कभी विश्वकप नहीं जीता

"लेकिन मैं अपने आप को इस तरह से नहीं देखता हूं क्योंकि हम लोगों ने अपनी टीम के अंदर एक कल्चर बदली जो मेरे लिए हमेशा गर्व की बात रहने वाली है। टूर्नामेंट कुछ समय के लिए ही रहते हैं लेकिन कल्चर बहुत लंबे समय तक रहती है और यहां पर आपको अपने कैरेक्टर में कहीं अधिक कंसिस्टेंसी दिखानी होती है। ये कई बार टूर्नामेंट जीतने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात होती है। अगर वर्ल्ड कप की बात है तो एक खिलाड़ी के तौर पर मै उसको जीत चुका हूं। मैं उस टीम का हिस्सा हूं जिसने 5 बार टेस्ट गदा जीता है। ये बताना इसलिए जरूरी है क्योंकि ऐसे भी लोग रहे हैं जिन्होंने कभी विश्वकप नहीं जीता है।"

सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ते चले गए

सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ते चले गए

विराट कोहली ने 2022 के T20 वर्ल्ड कप में बेहतरीन वापसी करते हुए केवल एक खिलाड़ी के तौर पर बल्लेबाजी की थी और सबसे ज्यादा रन बनाए थे। कोहली की कप्तानी के कार्यकाल का अंत काफी विवाद के साथ हुआ था क्योंकि उन्होंने 2021 के विश्व कप से ठीक पहले टी20 कप्तानी छोड़ने की घोषणा की थी। वर्ल्ड कप के बाद उन्होंने वनडे कप्तानी से भी हाथ धो दिया। इसके बाद कोहली ने खुद को टेस्ट कप्तानी से हटाना ही उचित समझा। फिर उन्होंने आरसीबी की कप्तानी भी छोड़ दी है।

'मैं उठा चुका हूं ट्रॉफी'

'मैं उठा चुका हूं ट्रॉफी'

कोहली के लिए 2011 की विश्व कप जीत यादगार है और वे उस टीम का हिस्सा बनने के लिए शुक्रगुजार है। उनका मानना है कि सचिन तेंदुलकर के लिए वह जीत हासिल करना बहुत ही खास बात थी। कोहली ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मैं 2011 की उस टीम का हिस्सा बनकर काफी भाग्यशाली महसूस करता हूं। मैं अच्छे स्कोर कर रहा था तो इसलिए मेरा सिलेक्शन हुआ और मै टीम का हिस्सा बना। सचिन तेंदुलकर अपना छठा विश्व कप खेल रहे थे और इसे उन्होंने जीता। मैं पहली बार टीम का हिस्सा बनकर यह सब देख रहा था और अंत में मुझे एक ऐसी टीम मिली जिसने विश्व कप उठाया। अगर मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो उन चीजों के लिए शुक्रगुजार होता हूं जो मुझे मिली। ना कि मैं यह देखता हूं कि मेरे करियर में क्या-क्या गलत हो गया। मैं अपनी अलमारी में ट्रॉफियों का झुंड देखने के लिए पागल नहीं हूं।"

फिलहाल टेस्ट शतक को छोड़कर सब सही चल रहा है

फिलहाल टेस्ट शतक को छोड़कर सब सही चल रहा है

विराट कोहली ने हाल ही में सचिन तेंदुलकर रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे तेज 25000 इंटरनेशनल रन बनाने का रिकॉर्ड कायम किया था। विराट 2008 से लेकर अब तक टीम इंडिया के सुपर स्टार बल्लेबाज के तौर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही है और इस समय वे बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में कुछ अच्छी पारियां खेल रहे हैं लेकिन उनके बल्ले से टेस्ट शतक नहीं निकल रहा है। वे इंटरनेशनल शतकों का सूखा खत्म कर चुके हैं लेकिन असली फॉर्मेट में असली शतक लगाना अभी बाकी है और जिस तरह से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में पिचे लो स्कोर पर टीम को समेटने में अपनी भूमिका निभा रही है उसको देखते हुए कोहली के लिए टेस्ट शतक इतना आसान नहीं होने जा रहा है लेकिन अगर वे ऐसा करते हैं तो ये सही मायनों में उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी मानी जाएगी। देखना होगा कोहली का टेस्ट संघर्ष 1 मार्च को खत्म होता है या नहीं।

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