शारजाह के लिए आया कॉल, फिर कैसे रुका ये सैलाब? वीरेंद्र सहवाग ने डेब्यू को लेकर किया बड़ा खुलासा
Virender Sehwag: पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाजों में से एक माना जा सकता है। उन्होंने 1999 में मोहाली में पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मैच में डेब्यू किया।

Virender Sehwag: पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को भारतीय क्रिकेट टीम के अब तक के सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाजों में से एक माना जा सकता है। सहवाग ने 50 ओवर के फॉर्मेट में 251 मैचों में 8273 रन बनाए हैं। 44 वर्षीय के नाम पर 38 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं। हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि सहवाग ने 1998 में शारजाह कप के दौरान भारत के लिए अपना वनडे डेब्यू लगभग कर ही लिया था, फिर कुछ ऐसा हुआ कि उनका डेब्यू एक साल के लिए टल गया था।
दरअसल, सहवाग ने ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस में अपने डेब्यू को लेकर खुलासा किया। पूर्व बल्लेबाज ने बताया कि 1998 के शारजाह कप के दौरे के दौरान कई भारतीय खिलाड़ियों के बीमार पड़ने के बाद उन्हें चयनकर्ताओं का उनके पास फोन आया था।
टीम इंडिया में सहवाग का कैसा एक साल लेट हुआ डेब्यू
उन्होंने बताया कि, 'वर्ष 1998 में शारजाह कप के दौरान लगभग छह भारतीय खिलाड़ी बीमार पड़ गए थे। मुझे अगले दिन शारजाह के लिए उड़ान भरने के लिए फोन आया। मुझे टिकट मिला, मैंने अपना बैग पैक किया और हवाई अड्डे के लिए निकल गया। जैसे ही मैंने प्रवेश किया, एयरपोर्ट पर ट्रेड विंग्स के अजय दुग्गल ने मुझे फोन किया और कहा कि मैं फ्लाइट में नहीं चढ़ूं, क्योंकि जो खिलाड़ी बीमार थे वो ठीक हो गए हैं।'
सचिन की नकल करने पर भाई उड़ाते थे मजाक
सहवाग ने आगे कहा कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 1992 के विश्व कप के दौरान भारत से खेल रहे एक युवा सचिन तेंदुलकर की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि जब वह सचिन की बल्लेबाजी की शैली की नकल करने की कोशिश करते थे तो उनके भाई उनका मजाक उड़ाते थे।
पड़ोसी के घर मैच देखते थे सहवाग
सहवाह ने बताया कि, ' जब मैंने क्रिकेट देखना शुरू किया था मुझे नहीं पता था कि मैं कभी क्रिकेट खेलूंगा, मैंने 1992 के विश्व कप से क्रिकेट देखना शुरू किया था। यह सुबह 5 बजे लाइव होता था। यहां तक कि मेरे भाइयों को भी क्रिकेट खेलने और देखने का शौक था। हम पड़ोसी के घर देखने जाते थे, क्योंकि हमारे पास केबल कनेक्शन नहीं था।'
छोटी सी उम्र में सचिन को खेलते देख हैरान हुए सहवाग
उन्होंने कहा कि, 'मेरे पड़ोसी ने मुझे सचिन तेंदुलकर के बारे में बताया। वह काफी छोटा था, लगभग 19 साल का था। एक 19 साल का लड़का विश्व कप खेल रहा था। मैं यह देखकर हैरान था। उन्हें बल्लेबाजी करते हुए मैं टीवी पर देखता था, और उनके शॉट्स की नकल करता था। मेरे भाई मेरा मजाक उड़ाते थे और कहते थे, 'बैठ जाओ। तुम तेंदुलकर नहीं बनोगे।'
हालांकि, उसके ठीक एक साल बाद वीरेंद्र सहवाह ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू किया, और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।












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