Vijay Hazare Trophy: पहली बार चैंपियन बनी ये टीम हुई मालामाल! BCCI ने 3 गुणा बढ़ाई प्राइज मनी, दिए इतने करोड़
Vijay Hazare Trophy: भारतीय घरेलू क्रिकेट में विदर्भ के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रविवार यानी 18 जनवरी 2026 को बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड पर खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में विदर्भ ने सौराष्ट्र को 38 रनों से हराकर पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही विदर्भ ने सफेद गेंद के क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम कर ली है।
अथर्व तायडे रहे जीत के हीरो (Vijay Hazare Trophy)
मैच की शुरुआत में सौराष्ट्र ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। विदर्भ के सलामी बल्लेबाजों, अमन मोखड़े और अथर्व तायडे ने टीम को ठोस शुरुआत दी। हालांकि अमन मोखड़े (33 रन) अर्धशतक से चूक गए, लेकिन अथर्व तायडे ने एक छोर थामे रखा। तायडे ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 128 रनों की आक्रामक शतकीय पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 3 छक्के शामिल थे। मिडिल ऑर्डर में यश राठौड़ के 54 रनों के योगदान की बदौलत विदर्भ ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 317 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

जीत के बाद मिलेंगे करोड़ों के इनाम
इस बार की खिताबी जीत विदर्भ के लिए केवल सम्मान ही नहीं बड़ा इनाम भी लेकर आई। बीसीसीआई (BCCI) ने घरेलू क्रिकेट को प्रोत्साहित करने के लिए इस साल इनामी राशि में 300% की बढ़ोतरी की है। जहां पहले विजेता को 30 लाख रुपये मिलते थे, वहीं अब चैंपियन विदर्भ को 1 करोड़ रुपये का चेक मिला। उप-विजेता सौराष्ट्र को भी 50 लाख रुपये की राशि दी गई।
गेंदबाजों ने पलटा मैच का रुख
318 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। सलामी बल्लेबाज हार्विक देसाई (20) और विश्वराज जडेजा (9) सस्ते में आउट हो गए। हालांकि, प्रेरक मांकड़ ने 88 रनों की जुझारू पारी खेली और चिराग जानी (64) के साथ मिलकर मैच को रोमांचक बनाने की कोशिश की, लेकिन विदर्भ के गेंदबाजों के आगे उनकी एक न चली। यश ठाकुर और नचिकेता भूते ने घातक गेंदबाजी करते हुए सौराष्ट्र की पारी को 279 रनों पर समेट दिया।












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