ये हैं वो 3 कारण, जिसके चलते जडेजा को बनाया गया CSK का नया कप्तान

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग का 15वां सीजन 26 मार्च से शुरू होने जा रहा है। लेकिन इससे पहले महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी छोड़ने का फैसला सुना दिया। साथ ही रविंद्र जडेजा को टीम का नया कप्तान घोषित कर दिया। ऐसा नहीं है कि इसकी अटकलें नहीं थी। नीलामी के बाद ही यह माना जा रहा था कि जडेजा सीएसके के भविष्य के कप्तान हो सकते हैं, लेकिन यह उम्मीद नहीं थी कि सीजन शुरू होने से पहले ही धोनी कप्तानी छोड़ देंगे। तो ऐसे में आइए जानें वो 3 कारण जिसके चलके जडेजा को सीएसके का नया कप्तान बनाया गया।
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मोटी रकम ने बढ़ा दी थी उम्मीदें
बेंगलोर में जब फरवरी महीने दो दिनों तक चली मेगा नीलामी से पहले जिन रिटेन किए गए खिलाड़ियों की सूची जारी हुई थी, उसमें रविंद्र जडेजा का नाम भी था। जडेजा को सीएसके ने 16 करोड़ रूपए में रिटेन कर सबको चाैंका दिया था, क्योंकि ऊधर धोनी को रिटेन करने के लिए सीएसके ने 12 करोड़ खर्च किए। ऐसे में जडेजा अब सीएसके के सबसे मंहगे खिलाड़ी बन गए थे। तो इससे अंदाजा था कि अगर फ्रेंचाइजी ने जडेजा पर इतना बड़ा दांव खेला है तो उन्हें भविष्य में अपने साथ बहुत आगे लेने के विचार के साथ ही दांव खेला है। वैसे भी जडेजा सीएसके लिए अहम खिलाड़ी रहे हैं, वह हर सीजन में बेहतर प्रदर्शन करते भी दिखे।

थ्री डी प्लेयर होने का भी मिला फायदा
इसके अलावा जडेजा एक 'थ्री डी' प्लेयर हैं। यानी कि तीनों विभाग में सबसे आगे। जडेजा गेंद से भी कमाल दिखाते हैं। मुश्किल समय बल्ले से तेजी से रन भी बरसाते हैं, साथ ही फील्डिंग से पूरी दुनिया में लोहा मनवाया है। जडेजा की गिनती सबसे फिट खिलाड़ियों में की जाती है। जडेजा अभी 33 साल के हैं तो ऐसे में उनके पास अभी भी 5 साल खेल साफ दिखता है। यही कारण है कि फ्रेंचाइजी ने एक कप्तान के रूप में उनपर दांव लगाना सही समझा है।

धोनी से दोस्ती आई काम
इसमें कोई शक नहीं कि जडेजा को धोनी से की दोस्ती काम आई है। जडेजा ने आईपीएल करियर की शुरूआत 2008 से राजस्थान राॅयल्स के लिए खेलते हुए की थी, लेकिन फिर अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने 2012 में सीएसके टीम में जगह बना ली। तब जडेजा को सीएसके ने 9.8 करोड़ रुपए में खरीदा था। तब से लेकर अब तक वह सीएसके के अहम खिलाड़ी रहे। उन्होंने धोनी की कप्तानी में खेल खुद को अधिक चमकाया। जडेजा ने धोनी कप्तान को कभी नाराज नहीं किया। जडेजा जब टीम में थे, तब चेन्नई ने 2018 में अपना तीसरा आईपीएल खिताब जीता था, जिसमें जडेजा ने 11 विकेट और 89 रन बनाकर अहम योगदान दिया था। यह भी एक कारण है कि जडेजा की सफलता ने धोनी का दिल जीता हो। साथ ही कप्तानी के गुण भी उन्होंने धोनी से हासिल किए जो अब उनके काम आने वाले हैं।












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