India vs South Africa : आग इधर भी और उधर भी, रफ्तार का कहर होगा तो बरसेंगे चौके-छक्के भी
टी-20 विश्वकप में भारत ने लगातार दो जीत दर्ज कर ली है। दोनों मैचों में भारत के गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अब टीम इंडिया के गेंदबाज 18वें, 19वें और 20वें ओवर के खौफ से उबर चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया सीरीज और एशिया कप की कड़वी यादों को भुला कर टीम आगे बढ़ चुकी है। पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ डेथ ओवरों में भारत ने सधी हुई गेंदबाजी की। जब गेंदबाज विकेट लेता है और किफायती गेंदबाजी करता है तो उसका आत्मविश्वास दोगुना हो जाता है। अब भारत का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के से है। 30 अक्टूबर को पर्थ में मैच है। दक्षिण अफ्रीका के रिली रूसो ने बांग्लादेश के खिलाफ 52 गेंदों पर शतक बना कर भारत की चिंता बढ़ा दी है। लेकिन भुनेश्वर, अर्शदीप और मोहम्मद शमी जिस लय में हैं उससे रूसो के लिए यह प्रदर्शन दोहराना आसान नहीं होगा। दूसरी तरफ विराट कोहली, सूर्य कुमार यादव और हार्दिक पांड्या की कातिलाना बैटिंग से कोगिसो रबादा और अनरिक नोर्जे भी खौफ में होंगे। अब तो रोहित शर्मा भी फॉर्म में आ गये हैं। यानी पर्थ में रफ्तार का कहर होगा तो चौकों छक्कों की बरसात भी होगी।

दोनों मैचों में भारत की शुरुआती बॉलिंग
पाकिस्तान के खिलाफ शुरू के ओवरों में भुवनेश्वर और अर्शदीप की गेंद हवा में किसी परचम की तरह लहरा रही थी। गेंद घड़ी की सुइयों की तरह कांटा बदल रही थी। ऐसी स्विंग गेंदबाजी के सामने बाबर आजम और रिजवान जैसे विध्वंसक बल्लेबाज भी घुटना टेकने पर मजबूर हो गये। नीदरलैंड के खिलाफ भुवनेश्वर ने पहला ओवर ही मेडन डाला। तीसरे ओवर में भुवी ने नीदरलैंड को पहला झटका दिया। भुवी का यह ओवर विकेट मेडन रहा। टी-20 के मैच में अगर कोई गेंदबाज लगातार दो ओवर मेडन डाले तो उसकी काबिलियत का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनकी रफ्तार 124 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहती है। लेकिन गेंद बिल्कुल सही निशाने और ठिकाने पर गिरती है। यही एकुरेसी उन्हें घातक गेंदबाज बना देती है। इस मैच में भारत ने अपना गेम प्लान बदल दिया और पांचवें ओवर में ही स्पिनर को गेंद सौंप दी। पाकिस्तान के खिलाफ बेअसर होने वाले अक्षर ने इस मैच में वापसी की। उन्होंने पांचवें ओवर में सिर्फ 3 रन दिये और एक विकेट भी लिया। पावरप्ले में नीदरलैंड दो विकेट पर 27 रन ही बना सका।

डेथ ओवर में भारत की मौजूदा गेंदबाजी
पाकिस्तान के खिलाफ मोहम्मद शमी ने 18वें ओवर में 10 रन दिये थे। 19वें ओवर में अर्शदीप ने 14 रन दिये। 20वें ओवर में भुवनेश्वर ने 10 रन दिये और एक विकेट भी लिया। नीदरलैंड के खिलाफ रोहित ने 18 वें ओवर के लिए अर्शदीप को बुलाया। उन्होंने इस ओवर में सिर्फ 5 रन दिये और 2 विकेट भी लिये। 19वां ओवर शमी ने डाला। उन्होंने केवल 8 रन दिये। इस बार आखिरी ओवर की जिम्मेदारी भुवनेश्वर को नहीं बल्कि अर्शदीप को मिली। भुनेश्वर 3 ओवर में 2 मेडन और 9 रन देकर 2 विकेट ले चुके थे। भुवनेश्वर की इतनी बेहतरीन गेंदबाजी के बावजूद रोहित ने अंतिम ओवर के लिए अर्शदीप को बुलाया। दरअसल अर्शदीप को दबाव सोखने की कला में पारंगत बनाया जा रहा है।

लय में गेंदबाज
अर्शदीप ने 20वें ओवर पहली तीन गेंदों पर सिर्फ 3 रन दिये। लेकिन आखिरी तीन गेंदों पर चौके लग गये। एक चौका बैट की एज से मिला जिसमें अर्शदीप की कोई गलती नहीं थी। कुल 14 रन बने। अर्शदीप ने 18 वां ओवर बहुत अच्छा तो 20 वां ओवर थोड़ा महंगा डाला। यानी मिला-जुला प्रदर्शन रहा। मोहम्मद शमी अपने चयन को सही साबित कर रहे हैं। उन्होंने 4 ओवर में 27 रन दे कर एक विकेट लिया। इस मैच की सबसे खास बात ये रही कि भारतीय स्पिनर लय में लौट आये। अक्षर ने 4 ओवर में 18 रन दे कर 2 विकेट लिये और सबसे सफल गेंदबाज रहे। अश्विन ने 4 ओवरों में 21 देकर 2 विकेट लिये।

कैसे निबटेंगे दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी से ?
क्विंटन डी कॉक और रिली रूसो ने बांग्लदेश के खिलाफ चौकों और छक्कों की झड़ी लगा दी थी। रूसो ने 56 गेंदों पर 109 रन बनाये। कुल 8 छक्के और 7 चौके ठोके। क्विंटन ने 38 गेंदों पर 63 रन बनाये जिसमें 7 चौके और 3 छक्के थे। रूसो ने भारत के खिलाफ इंदौर टी-20 में भी शतक मारा था। वे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। वन डाउन खेलते हैं। कप्तान बबुमा का विकेट अक्सर शुरुआती ओवरों में गिर जा रहा है। इसलिए रूसो को दूसरे या तीसरे ओवर में मैदान संभालना पड़ता है। ऐसे में अगर भुवी और शमी पहले छह ओवरों में बॉलिंग करेंगे तो क्विंटन और रूसो के लिए रन बनाना आसान नहीं होगा। चूंकि दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं इसलिए उन्हें भुवी और शमी को खेलना आसान नहीं होगा। वह भी तब जब उनकी गेंदें इतनी स्विंग हो रही हैं। पर्थ की तेज पिच पर तो वे और भी घातक हो जाएंगे। अक्षर और अश्विन की सटीक स्पिन गेंदबाजी से भारत बीच के ओवरों में अंतर पैदा कर सकता है। ऐसे में ट्रिस्टन स्टब्स, एडेन मार्करम और डेविट मिलर जोखिम उटाने के चक्कर में विकेट गंवा सकते हैं।

कैसे सामना करेंगे रबादा और नोर्जे का ?
बांग्लादेश के खिलाफ एनरिक नोर्जे ने 3.3 ओवर में 10 रन देकर 4 विकेट लिये। उनकी रफ्तार 150 किलोमीटर प्रतिघंटे से अधिक है। पर्थ की पिच पर वे आग उगल सकते हैं। कैगिसो रबादा ही रफ्तार भी 150 के पार है। वे अनुभवी और चतुर गेंदबाज हैं। उनकी क्षमता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। लेकिन विराट कोहली जिस प्रचंड फॉर्म में हैं उससे रबादा और नोर्जे की भी खैर नहीं। पाकिस्तान के हारिस रऊफ ऐसे गेंदबाज हैं तो लगातार 150 KM/H की रफ्तार से गेंद फेंकते हैं। जब कोहली ने उनके 19 वें ओवर में लगातार दो छक्के मारे तो सारे लोग हक्के-बक्के रह गये। कोहली अब तेज से तेज गेंदबाज को भी ध्वस्त कर दे रहे हैं। सूर्या और हार्दिक को भी गेंदों की रफ्तार से कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर दक्षिण अफ्रीका की तरफ से क्विंटन डी कॉक, रिली रुसो, एडेन मार्करम और डेविड मिलर हैं तो भारत की तरफ से रोहित, विराट, सूर्या और हार्दिक हैं। मुकाबला जोरदार होगा।












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