विराट की पारी ने रोजर बिन्नी का सपना सच कर दिया, बोले- 'IND vs PAK मैच में ऐसा नहीं होता'
बीसीसीआई से नए अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने विराट कोहली की उस पारी की तारीफ की है जिसने इस खिलाड़ी को और बड़ा लीजेंड बना दिया है। यह पारी भारतीय क्रिकेट में काफी महत्वपूर्ण है और अक्सर इस तरह से मैच जीतने के बाद उन टीमों के पक्ष में मोमेंटम शिफ्ट हो जाते हैं जिसके बल्लेबाज ने ऐसा कारनामा करके दिखाया। पूरा माहौल ही बदल जाता है। पूरे भारत में इस पारी की गूंज दिवाली से पहले सुनाई है और जिस पाकिस्तान के खिलाफ ये खेली गई उसका मनोबल ऐसा पस्त हुआ कि वह अगला मैच जिंबाब्वे से भी हार गया। इस पारी के प्रभाव के डिटेल में वर्ल्ड कप के बाद भी फुर्सत में और बातें होती रहेंगी।

एक सपना और दर्शकों के लिए एक मुग्ध करने वाला अनुभव
बिन्नी ने 53 गेंदों पर नाबाद 82 रनों की इस पारी को एक सपना और दर्शकों के लिए एक मुग्ध करने वाला अनुभव बताया है। एक कार्यक्रम के दौरान बात करते हुए बिन्नी कहते हैं, ये मेरे लिए सपने जैसी थी। जिस तरह से कोहली ने बॉल को मैदान में हिट किया वह सोचा भी नहीं था। ये एक जबरदस्त जीत थी। अब ऐसा कभी नहीं देखेंगे कि मैच पूरी तरह से पाकिस्तान के पक्ष में था फिर अचानक भारत की ओर पासा पलटा और सब बदलकर रह गया। भीड़ इसको देखना चाहती थी तो क्रिकेट के लिए भी ये अच्छी बात हुई।

अफगानिस्तान के खिलाफ शतक अहम पड़ाव था
भारत के पूर्व कप्तान कोहली काफी समय से आउट ऑफ फॉर्म थे, लेकिन एशिया कप 2022 ने उनके लिए मंच सेट किया। हालांकि उस टूर्नामेंट में भी वे प्रचंड फॉर्म में नहीं थे लेकिन उन्होंने औसत रफ्तार से सही, पर रन बनाने जारी रखे। इससे पहले, उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक लिया था। एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ उनका शतक उनकी वापसी का सबसे अहम पड़ाव साबित हुआ जो उनका 71वां शतक था। कोहली से सबको गियर बदलकर बैटिंग करने की उम्मीदें भी रहती हैं जैसा वे पहले करते थे लेकिन अब ये काम बहुत ही प्रभावी तरीके से सूर्यकुमार यादव कर रहे हैं। हार्दिक पांड्आ और दिनेश कार्तिक की भी फिनिशर की भूमिका है। ऐसे में कोहली के लिए थोड़ी भी भूमिका बदली जरूर है।

नो-बॉल विवाद पर क्या बोले
बीसीसीआई अध्यक्ष ने आगे कहा, "कोहली को खुद को साबित करने की जरूरत नहीं थी। वह एक क्लास खिलाड़ी हैं और उनके जैसे खिलाड़ी दबाव की परिस्थितियों में कामयाब होते हैं, दबाव उनमें से सर्वश्रेष्ठ को सामने लाता है।"
भारत-पाकिस्तान मैच बिना विवाद के पूरे हो जाएं यह कम ही हो पाता है। खासकर कांटे के मैच जिनमें कोई ना कोई बात नतीजे के बाद निकल ही जाती है। इस मैच में अंतिम ओवर में मोहम्मद नवाज की एक गेंद को नो-बॉल के रूप में घोषित किया गया था, और ऐसे कई लोग हैं जो दावा करते हैं कि यह कमर से ऊंची गेंद नहीं थी। इसके बारे में बोलते हुए, बिन्नी ने कहा कि जब आप गेम हारते हैं तो आपको इसको स्वीकार करना चाहिए, लोगों को इस बात की तारीफ करनी चाहिए जिस तरह से भारत ने वह मैच जीता।












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