T20 क्रिकेट का सबसे रोमांचक रन चेज जहां 18 गेंद में चाहिये थे 59 रन, फिर शनाका की पारी से जीती श्रीलंका
नई दिल्ली। श्रीलंका दौरे पर 3 टी20 और 5 वनडे मैच की सीरीज खेलने पहुंची ऑस्ट्रेलिया की टीम ने भले ही कप्तान दाशुन शनाका की टीम के खिलाफ टी20 सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया हो लेकिन पल्लिकले के मैदान पर खेले गये आखिरी टी20 मैच में श्रीलंकाई टीम ने जो रन कर के दिखाया उसने दुनिया भर के फैन्स का दिल जीत लिया है। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने कोलंबो के मैदान पर खेले गये सीरीज के पहले दो मैच में आसानी से (10 विकेट से जीत और 3 विकेट से जीत) जीत हासिल की थी लेकिन सीरीज के आखिरी मैच में श्रीलंका के कप्तान दाशुन शनाका ने अपनी विस्फोटक पारी के दम पर असंभव को संभव कर दिखाया और ऑस्ट्रेलिया के मुंह से जीत को छीन लिया।

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पल्लिकेल के मैदान पर खेले गये इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और निर्धारित 20 ओवर्स में 5 विकेट खोकर 176 रनों का स्कोर खड़ा कर दिया। जवाब में श्रीलंका की टीम ने एक गेंद पहले ही मैच को अपने नाम कर लिया और 4 विकेट से जीत हासिल की। श्रीलंका के कप्तान दाशुन शनाका (25 गेंद में 54 रन) ने इस मैच की पहली 12 गेंदों में सिर्फ 6 रन ही बनाये थे लेकिन अगली 13 गेंदों में 48 रन बटोरकर अपनी टीम को जीत दिला दी।
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17 ओवर में सिर्फ 118 रन ही बना पाई थी श्रीलंका
ऑस्ट्रेलिया के लिये डेविड वॉर्नर (39) और एरॉन फिंच (29) ने अच्छी शुरुआत दी लेकिन बीच के ओवर्स में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने अपनी टीम की वापसी करा दी। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई टीम मार्कस स्टॉयनिस (38), स्टीव स्मिथ (37) और मैथ्यू वेड के दम पर वापसी करने में कामयाब रही और 176 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर डाला। वहीं पर रनों का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और हालात ऐसे रहे कि उसने 17 ओवर की समाप्ति पर 6 विकेट खोकर 6 विकेट खोकर सिर्फ 118 रन ही बनाये थे। श्रीलंका के लिये पथुम निशंका (27) और चरिथ असलंका (26) ने शुरुआत तो दिलाई लेकिन उसे बड़ी पारी में तब्दील करने में नाकाम रहे थे।

हेजलवुड के ओवर में ठोंके 22 रन
मैच के हालात कुछ ऐसे थे जहां पर श्रीलंका को जीत के लिये आखिरी 18 गेंदों में 59 रन की दरकार थी और क्रीज पर कप्तान दशुन शनाका 12 गेंदों में सिर्फ 6 रन बनाकर खेल रहे थे तो वहीं पर चमिका करुणारत्ने 6 गेंद में 8 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। 18वें ओवर में मैच ने अचानक से करवट ली और असंभव लग रही जीत में फिर से श्रीलंकाई टीम के लिये उम्मीदें नजर आने लगी। 18वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया के लिये जोश हेजलवुड गेंदबाजी करने आये जिनकी पहली गेंद पर करुणारत्ने ने एक रन लेकर शनाका को स्ट्राइक दी। शनाका ने हेजलवुड को आड़े हाथों लेते हुए पहले डीप मिड विकेट पर तो वहीं पर अगली गेंद को लॉन्ग ऑन के ऊपर से छक्का लगा दिया। लगातार दो छक्के मारने के बाद उन्होंने लगातार दो चौके लगाये और ओवर का अंत 22 रनों के साथ किया।

19वें ओवर में भी आये 18 रन
इस विस्फोटक बल्लेबाजी के चलते अब श्रीलंका को आखिरी 12 गेंदों में जीत के लिये 37 रन की दरकार रह गई। शनाका ने 19वें ओवर में गेंदबाजी करने आये झाय रिचर्डसन को भी आड़े हाथों लिया और एक छ्क्के-एक चौके के दम पर ओवर से 18 रन हासिल करने में कामयाब रहे। करुणारत्ने ने भी इस ओवर में एक चौका लगाया और अपना अहम योगदान दिया। इसके चलते श्रीलंका की टीम को आखिरी ओवर में जीत के लिये 19 रन की दरकार रह गई, जिसका बचाव करने के लिये केन रिचर्डसन गेंदबाजी करने आये।

ऐसा रहा था आखिरी ओवर का रोमांच
लगातार दो ओवर में रन लुटाने के चलते ऑस्ट्रेलियाई टीम दबाव में नजर आई और केन रिचर्डसन ने लगातार 2 वाइड के साथ ओवर की शुरुआत की। इसके बावजूद रिचर्डसन ओवर का आगाज सही अंदाज में करने में कामयाब रहे और पहली 2 गेंदो में सिर्फ एक रन ही दिया। अब श्रीलंका को जीत के लिये आखिरी 4 गेंदों में 15 रन की दरकार रह गई थी, जिसे कप्तान शनाका ने पूरा करने का काम किया। शनाका ने तीसरी गेंद पर डीप बैकवर्ड प्वाइंट की दिशा में चौका लगाया तो वहीं पर चौथी गेंद में लॉन्ग ऑफ की दिशा में बाउंड्री लगा डाली। पांचवी गेंद पर शनाका ने गेंदबाज के सिर के ऊपर से मारकर 6 रन बटोरे और टीम के स्कोर को बराबरी पर पहुंचा दिया। श्रीलंका को जीत के लिये आखिरी गेंद पर 1 रन की दरकार थी लेकिन रिचर्डसन ने वाइड फेंककर यह जीत एक गेंद पहले ही दे डाली।












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