'मुझमें ही कोई कमी होगी,' काबिल खिलाड़ी को इंग्लैंड, वेस्टइंडीज T20 सीरीज में भी नहीं मिल पाया मौका
नई दिल्ली, 6 जुलाई: भारत में बढ़ती आबादी और किसी एक खेल के लोकप्रिय होने का सबसे बड़ा उदाहरण क्रिकेट है जहां पर बहुत ही काबिल लोगों के लिए भी जगह बनानी मुश्किल हो चुकी है। भारत की हालत यह है कि दुनिया में अपनी पांच क्रिकेट टीम खड़ी कर दे जिनमें तीन तो बहुत ही ताकतवर होंगी।
दरअसल देश का क्रिकेट बदल रहा है और अब ये आंखों से दिख भी रहा है। होनहार युवाओं का उभरना धीरे-धीरे भारतीय क्रिकेट के स्थापित सितारों के दरवाजे बंद कर रहा है।

काबिल से काबिल लोगों के लिए जगह मुश्किल
रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और मौजूदा फॉर्म में चल रहे सूर्यकुमार यादव को छोड़कर कोई भी भारतीय क्रिकेटर भारतीय टीम में ऑटोमैटिक जगह नहीं ले सकता। इसमें अब विराट कोहली का नाम भी जुड़ गया है जो करियर के आखिरी दौर में चले गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बढ़ते कार्यभार और व्यस्त कार्यक्रम के साथ, सीनियर खिलाड़ियों को किसी एक प्रारूप से अलविदा कहना होगा। आईपीएल की बढ़ती डोज ने मामले को और भी गंभीर कर दिया है।

शिखर धवन को टी20 में जगह नहीं मिल पा रही
सीनियर्स की बात करें तो, एक खिलाड़ी जिसे भारत के T20I सेटअप में वापस आना मुश्किल हो रहा है, वह है शिखर धवन। बाएं हाथ का बल्लेबाज भारत की एकदिवसीय टीम का एक अभिन्न अंग बना हुआ है, लेकिन उनको टी20 से बाहर रखा गया है। पिछले साल जुलाई में सबसे छोटे प्रारूप में उनका आखिरी मैच था।
हालांकि, धवन जिस तरह से वह अपना क्रिकेट खेल रहे हैं, उससे संतुष्ट हैं।

मुझे कोई निराशा नहीं है
धवन ने स्पोर्ट्स तक को बताया, "ईमानदारी से कहूं तो मुझे कोई निराशा नहीं है। मुझे लगता है कि हर चीज का एक समय होता है और शायद यह मेरा समय नहीं है। हो सकता है कि मुझसे ही कोई कमी हो गई हो, जो मैं बहुत अच्छा नहीं कर पाया। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और यही मायने रखता है। जब तक मैं खुश हूं और संतुष्ट हूं, तब तक मुझे इसकी चिंता नहीं है। ऐसा नहीं है कि अगर मेरा नाम नहीं आया, तो मैं परेशान हो जाऊंगा। मैं बहुत अच्छे स्पेस में हूं; मैं अपना सर्वश्रेष्ठ कर रहा हूं।"

भारत की कप्तानी करने के लिए भी तैयार हैं
धवन ने हाल ही में इंग्लैंड एकदिवसीय मैच खेले, जहां उन्होंने पहले एकदिवसीय मैच में अर्धशतक बनाया और फिर भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ 3-0 से जीत दिलाई, जहां उन्होंने तीन पारियों में दो अर्द्धशतक - 97 और 58 रन बनाए। वह जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारत की कप्तानी करने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या धवन सोमवार को एशिया कप के लिए टीम चुनने के लिए चयनकर्ताओं की बैठक में शामिल होंगे या नहीं। पिछली बार जब 2018 में एशिया कप खेला गया था तब धवन ने 320 से अधिक रन बनाए, भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यदि अवसर प्रदान किया जाता है तो क्यों नहीं?
धवन ने कहा, "यदि अवसर प्रदान किया जाता है तो क्यों नहीं? जब मैं आईपीएल खेलता हूं, तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करता हूं। और अगर मैं वहां अच्छा प्रदर्शन करता हूं, तो मुझे मौके मिल सकते हैं। बाकी चयनकर्ताओं पर निर्भर है ... उनकी विचार प्रक्रिया क्या है, उनका नजरिया क्या है। जैसा मैंने कहा, अगर नंबर आता है, बहुत अच्छा है, लेकिन अगर नहीं भी है, तो भी ठीक है। मैं खुद को फिट और मजबूत रख रहा हूं और जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं इसके लिए तैयार हूं।"












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