पाकिस्तान की टीम को मिलेगी वर्ल्ड कप से बाहर होने की सजा! क्रिकेटरों के वेतन में हो सकती है बड़ी कटौती
T20 World Cup 2024: टी-20 वर्ल्ड कप 2024 से बाहर होने के बाद पाकिस्तान टीम को एक और झटका लग सकता है। बोर्ड के एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि कुछ अधिकारियों और पूर्व खिलाड़ियों ने पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी को उनके पूर्ववर्ती ज़का अशरफ के कार्यकाल के दौरान खिलाड़ियों को दिए गए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट केंद्रीय का पुनर्मूल्यांकन करने की सलाह दी है।
सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की होगी समीक्षा
पाकिस्तानी क्रिकेटरों को टी20 विश्व कप से जल्दी बाहर होने के बाद पीसीबी द्वारा उनके सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की समीक्षा और उनके वेतन में संभावित रूप से कटौती किए जाने का जोखिम है। अमेरिका और चिर प्रतिद्वंद्वी भारत से हार के कारण पाकिस्तान को शुक्रवार को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा, और वह सुपर आठ चरण तक भी नहीं पहुंच सका।

वेतन और फीस में कटौती हो सकती है
सूत्र ने कहा कि, 'सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का पुनर्मूल्यांकन हो सकता है और अगर चेयरमैन टीम के हालिया खराब प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया देने का फैसला करते हैं, तो खिलाड़ियों के वेतन और फीस में कटौती हो सकती है।' बाबर आजम की अगुआई वाली टीम ने पिछले साल एशिया कप और विश्व कप (50 ओवर) में भी खराब प्रदर्शन किया था।
चेयरमैन के सख्त कदम उठाने की चर्चा
सूत्र ने कहा, 'अभी तक कुछ भी अंतिम नहीं है, लेकिन हां, बोर्ड के भीतर चेयरमैन के साथ इस सख्त कदम पर चर्चा की गई है।' पिछले साल, अशरफ ने खिलाड़ियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की थी, साथ ही आईसीसी से पीसीबी की आय में से राजस्व का एक निश्चित हिस्सा भी देने की घोषणा की थी।
पीसीबी में भी बड़े बदलाव हो सकते हैं
नकवी ने खुद यूएसए और वेस्टइंडीज में विश्व कप से पहले घोषणा की थी कि अगर वे टूर्नामेंट जीतते हैं, तो प्रत्येक खिलाड़ी को 100,000 अमेरिकी डॉलर का बोनस भुगतान मिलेगा। टी20 विश्व कप से पाकिस्तान के जल्दी बाहर होने के लिए टीम के भीतर "समूहों" और महत्वपूर्ण क्षणों के दौरान वरिष्ठ खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और इससे न केवल टीम में बल्कि पीसीबी में भी "बड़े बदलाव" हो सकते हैं।
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बाबर के सामने टीम को एकजुट करने की चुनौती
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के सूत्रों के अनुसार, कप्तान के रूप में वापसी करने वाले बाबर आज़म के सामने सबसे बड़ी चुनौती टीम को एकजुट करना था, लेकिन गुटबाजी के कारण वह ऐसा नहीं कर सके। शाहीन शाह अफरीदी कप्तानी खोने से दुखी हैं और बाबर ने जरूरत पड़ने पर उनका साथ नहीं दिया, जबकि मोहम्मद रिजवान कप्तानी के लिए विचार न किए जाने से नाखुश हैं।












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