कोई Gen Z ही तोड़ सकता है विराट कोहली के शतकों का रिकॉर्ड, किन 3 खिलाड़ियों में है यह क्षमता
Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट के किंग विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रायपुर में अपना 53वां वनडे शतक जड़कर एक बार फिर साबित कर दिया कि वह 'शतकों के बादशाह' क्यों कहे जाते हैं। यह रिकॉर्ड इतना विशाल है कि इसे तोड़ना वर्तमान समय में लगभग असंभव नज़र आता है।
कोहली ने भले ही अपने शतकों की गिनती जारी रखी है, लेकिन अब बहस इस बात पर है कि उनके संन्यास के बाद कौन सा खिलाड़ी इस ऐतिहासिक आंकड़े को छू सकता है। एक बात तय नज़र आ रही है कि कोई Gen Z ही उनका यह रिकॉर्ड तोड़ पाएगा, वह भी निरंतर अच्छे प्रदर्शन के बाद संभव हो सकता है।

क्यों मिलेनियल्स नहीं तोड़ पाएंगे यह रिकॉर्ड?
वर्तमान में विराट कोहली के साथ खेल रहे खिलाड़ियों में उनका यह रिकॉर्ड कोई अन्य खिलाड़ी तोड़ता नज़र नहीं आ रहा है।
रोहित शर्मा (Millennial): उनके नाम 33 वनडे शतक हैं, उम्र 38 साल है। शानदार करियर के बावजूद, 53 शतकों के आंकड़े तक पहुँचना अब उनके लिए करियर की लंबाई और फॉर्म को देखते हुए मुश्किल है।
क्विंटन डी कॉक (Millennial): इस दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने 22 शतक जड़े हैं, लेकिन उनके वर्तमान शतकों की संख्या को देखते हुए, वह भी इस दौड़ से बाहर हैं, उनकी उम्र 32 साल हो गई है। रोहित और डी कॉक के अलावा मिलेनियल्स से बाकी खिलाड़ी बहुत पीछे हैं और रिटायरमेंट के करीब हैं।
यह साफ है कि यदि कोई खिलाड़ी कोहली का रिकॉर्ड तोड़ेगा, तो वह लंबी रेस का घोड़ा होना चाहिए, जिसकी शुरुआत और गति शानदार हो और यह क्षमता केवल Gen Z खिलाड़ियों में दिखती है।
शुभमन गिल
गिल सबसे मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही वनडे फॉर्मेट में दोहरा शतक जड़कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी तकनीक, निरंतरता और बड़े स्कोर बनाने की भूख उन्हें इस रेस में सबसे आगे रखती है। यदि वह अगले 10-12 साल तक फिटनेस और फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो वह निश्चित रूप से 53 शतकों के आंकड़े को छू सकते हैं। फ़िलहाल गिल के नाम 8 शतक हैं।
यशस्वी जायसवाल
यह युवा ओपनर निडर और आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने छोटे से करियर में ही यह साबित कर दिया है कि वह दबाव में खेलना जानते हैं। जायसवाल को तीनों फॉर्मेट का खिलाड़ी माना जाता है। यदि वह वनडे में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, तो कोहली के शतकों को पार कर सकते हैं।
वैभव सूर्यवंशी
वैभव सूर्यवंशी एक उभरता हुआ नाम है, जिसकी प्रतिभा पर चयनकर्ताओं और विशेषज्ञों की गहरी नज़र है। यदि उन्हें जल्द ही सीनियर टीम में मौका मिलता है और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी घरेलू फॉर्म को दोहरा पाते हैं, तो उनका युवा जोश और करियर की लंबी अवधि उन्हें रिकॉर्ड के करीब पहुँचा सकती है। वैभव सूर्यवंशी अगले एक या दो साल में टीम इंडिया से खेल जाएंगे और कोहली का रिकॉर्ड तोड़ने के सबसे प्रबल दावेदार होंगे।
क्या है मिलेनियल्स और Gen Z
मिलेनियल्स: ये वे लोग हैं जिनका जन्म लगभग 1981 से 1996 के बीच हुआ है। रोहित शर्मा और विराट कोहली (1988) इसी पीढ़ी में आते हैं।
जनरेशन Z (Gen Z): ये वे लोग हैं जिनका जन्म लगभग 1997 से 2012 के बीच हुआ है। शुभमन गिल (1999) और यशस्वी जायसवाल (2001) इसी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो डिजिटल युग में पले-बढ़े हैं।
जनरेशन अल्फा: ये वे सबसे छोटे बच्चे हैं जिनका जन्म लगभग 2013 के बाद हुआ है। ये बच्चे पूरी तरह से तकनीक-आधारित दुनिया में जी रहे हैं, और अभी सीनियर क्रिकेट खेलने के लिए काफी छोटे हैं।












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