DHONI को लेकर शोएब मलिक ने लाइव TV पर किया झूठा दावा, भड़के फैंस ने दिखाया आईना
टी-20 वर्ल्ड कप 2022 का समापन हो चुका है। इंग्लैंड ने इस साल दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। भारत सेमीफाइनल तो वहीं पाकिस्तान फाइनल तक आकर वर्ल्ड कप जीतने से चूक गया।
Shoaib Malik on T20 World Cup 2007: टी-20 वर्ल्ड कप 2022 का समापन हो चुका है। इंग्लैंड ने इस साल दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। भारत सेमीफाइनल तो वहीं पाकिस्तान फाइनल तक आकर वर्ल्ड कप जीतने से चूक गया। भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ियों द्वारा किए गए प्रदर्शनों पर दिग्गज लगातार अपनी राय रख रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ खिलाड़ियों के बीच विवाद भी देखने को मिल रहा है।

शोएब मलिक ने सुनाया पुराना किस्सा
इस बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब मलिक ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर कुछ बातों का जिक्र किया। साल 2007 में पाकिस्तान को हराकर भारत वर्ल्ड चैंपियन बना था। आखिरी ओवर में जोगिंदर शर्मा की गेंद पर श्रीसंत का वौ कैच फैंस के जहन में आज भी ताजा है। अब इस पर मलिक ने कहा कि आखिरी ओवर में मिस्बाह उल हक के सामने गेंदबाजी करने से भारतीय बॉलर घबरा रहे थे।

शोएब मलिक ने धोनी को लेकर किया ये दावा
पाकिस्तान के चैनल ए स्पोर्ट्स से बातचीत के दौरान शोएब मलिक ने बताया कि पाकिस्तान को आखिरी चार ओवर में 56 रनों की जरूरत थी। मिस्बाह उल हक ने जबरदस्त बल्लेबाजी कर पाकिस्तान को जीत के करीब पहुंचा दिया था। आखिरी ओवर में पाकिस्तान को 13 रन चाहिए था। ऐसे में धोनी ने अपने सभी सीनियर गेंदबाजों से आखिरी ओवर डालने को कहा, लेकिन मिस्बाह के सामने कोई भी गेंदबाजी नहीं करना चाहता था।

मलिक के इस दावा में है कितनी सच्चाई
भारत में क्रिकेट और धोनी के फैंस की कमी नहीं है। शोएब मलिक के इस बयान के बाद से ही फैंस ने इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी। इसके बाद कई फैंस सोशल मीडिया पर उस मैच का स्क्रीनशॉट डालकर शोएब मलिक को ट्रोल कर रहे हैं। दरअसल, भारतीय सीनियर गेंदबाज इरफान पठान, आरपी सिंह और श्रीसंत का स्पेल खत्म हो चुका था। धोनी ऐसे में उनसे गेंदबाजी के लिए पूछ ही नहीं सकते थे।

पकड़ा गया शोएब मलिक का झूठ
मलिक ने इस बयान को देते समय ये नहीं सोचा कि फैंस क्रॉस चेक करेंगे तो वो झूठे साबित हो सकते हैं। हरभजन सिंह और जोगिंदर सिंह के अलावा धोनी चाहकर भी किसी से गेंदबाजी नहीं करा सकते थे। धोनी ने जोगिंदर शर्मा को जानबूझकर आखिरी ओवर के लिए बचाया था क्योंकि वह जानते थे कि आखिरी ओवर में अधिक रन होने पर जोगिंदर स्लो गेंद फेंककर उसका बचाव कर सकते हैं।












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