Slow Over Rate Rule: क्या होता है स्लो ओवर रेट, कितना लगता है जुर्माना, जानें सबकुछ
Slow Over Rate Rule: आईपीएल 2024 में दिल्ली कैपिटल्स की टीम को अपनी पहली जीत मिल चुकी है। 31 मार्च यानी कि रविवार को विशाखापट्टनम में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत ने चेन्नई के खिलाफ ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जड़ने में कामयाबी हासिल की। दिल्ली की टीम ने इसके साथ ही प्वाइंट्स टेबल में अपना खाता भी खोल लिया।
तेज गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
दिल्ली कैपिटल्स के स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सके थे। अनफिट होने की वजह से कुलदीप यादव टीम का हिस्सा नहीं थे। ऐसे में ऋषभ पंत ने दिल्ली के तेज गेंदबाजों पर अधिक भरोसा जताया। यही वजह रही कि दिल्ली कैपिटल्स की टीम इस मुकाबले के दौरान पांच तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर नजर आई। अधिक तेज गेंदबाज होने की वजह से दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।

पंत पर लगा जुर्माना
दिल्ली की टीम मैच जीतने में सफल रही। लेकिन कप्तान ऋषभ पंत पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लग गया। ऋषभ पंत को स्लो ओवर रेट की वजह से यह जुर्माना देना पड़ा है। ऋषभ पंत से पहले शुभमन गिल भी स्लो ओवर रेट का शिकार हो चुके हैं। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल पर भी 12 लाख का जुर्माना लगाया गया था। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर स्लो ओवर रेट होता क्या है? जिससे टीम के कप्तान को लाखों का नुकसान सहना पड़ता है।
क्या होता है स्लो ओवर रेट
स्लो ओवर रेट का मतलब तय समय से अधिक टाइम पर गेंदबाजों द्वारा ओवर खत्म किए जाने को कहते हैं। एक घंटे में फेंकी गई ओवर्स की औसत संख्या से कम ओवर्स होने पर कप्तान पर इस नियम के तहत जुर्माना लगाया जाता है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के मुताबिक वनडे और टी-20 में एक घंटे के भीतर 14.11 ओवर तो टेस्ट में 14.28 ओवर फेंकना होता है।
आईपीएल में इतने ओवर फेंकना जरूरी
अलग फॉर्मेट में खेला जाता है। दो स्ट्रेटिजिक टाइम आउट होते हैं, इसमें ढाई मिनट खर्च होते हैं। बोलिंग साइड को 14.11 का ओवर रेट बरकरार रखना होता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो गेंदबाज टीम के कप्तान पर पहली बार 12 लाख का जुर्माना लगाया जाता है।
जबकि दोबारा ऐसा होने पर जुर्माने की राशि 12 से बढ़कर 24 लाख हो जा जाती है। अगर तीसरी बार ऐसा होता है तो कप्तान को 24 की जगह 30 लाख रुपये फाइन देना पड़ता है। दूसरी बार गलती होने पर कप्तान के अलावा टीम के दूसरे खिलाड़ियों पर भी फाइन लगाया जाता है। टीम के हर खिलाड़ी को छह-छह लाख या 25 फीसदी मैच फीस जो भी कम हो उसे काट लिया जाता है।












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