IPL 2023: भारतीय गेंदबाजों के बार-बार चोटिल होने से तंग हुए गावस्कर और शास्त्री, खूब सुनाई खरी-खोटी
IPL 2023: रवि शास्त्री और सुनील गावस्कर ने भारतीय गेंदबाजों के बार-बार चोटिल होने पर सवाल उठाया है। ताजा चोट दीपक चाहर की है जिनकी हैमस्ट्रिंग में समस्या समस्या बताई गई है।

Injured Indian Bowlers: आईपीएल के मौजूदा सीजन में जिस तरह से भारतीय गेंदबाज चोटिल होते जा रहे हैं उससे रवि शास्त्री और सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज हैरान-परेशान है। रवि शास्त्री तो खासकर भारतीय तेज गेंदबाजों की फिटनेस को लेकर काफी झुंझलाए हुए हैं। आज चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स का मैच है। इस मुकाबले से पहले सीएसके के तेज गेंदबाज दीपक चाहर के चोटिल होने की खबर आई है क्योंकि उनको हैमस्ट्रिंग में चोट लगी है।
दीपक चाहर की ताजा चोट- दीपक चाहर चोट के बाद ही आईपीएल में वापसी कर रहे थे और उन्होंने फिर से नई चोट पकड़ ली। वहीं, बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, नवदीप सैनी, मोहसिन खान जैसे तेज गेंदबाज पहले ही बाहर है। शास्त्री ने ईएसपीएन क्रिकइंफो पर बात करते हुए कहा कि पिछले 3-4 साल में तो कुछ ऐसे खिलाड़ी हो चुके हैं जो एनसीए के परमानेंट रेजिडेंट बन गए हैं। आपको बता दें एमसीए यानी नेशनल क्रिकेट अकादमी वह जगह है जहां खिलाड़ी अपनी चोट की जांच रिहैबिलिटेशन के लिए जाता है।
कई गेंदबाज हुए चोटिल- शास्त्री इस बात से काफी परेशान है। रोहित शर्मा खुद ऐसे खिलाड़ियों से तंग आ चुके हैं और उन्होंने एक बार कहा था कि जिस तरह से खिलाड़ी आधे फिट होकर आ रहे हैं और देश को रिप्रजेंट कर रहे हैं, इसको हम झेल नहीं सकते हैं। कुलदीप सेन, मोहसिन खान और यश दयाल भी ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिनको हाल ही में चोट लगी। शास्त्री इस बात से परेशान हैं कि एनसीए इन खिलाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट दे देता है और ऊपर से इन खिलाड़ियों के ऊपर बहुत ज्यादा वर्क लोड नहीं है उसके बावजूद भी वे बार-बार चोटिल हो जाते हैं।
शास्त्री ने कहा, मैं समझ सकता हूं अगर कोई गंभीर चोट है तो बात अलग है। लेकिन हर चार खेल के बाद किसी की हैमस्ट्रिंग चोटिल हो जाती है, कोई अपनी ग्रॉइन को पकड़ता हुआ दिखाई देता है, आप इन खिलाड़ियों को देखकर क्या सोचेंगे कि उनकी ट्रेनिंग किस तरह की है, यह सब चल क्या रहा है? और कईयों ने तो पूरे साल क्रिकेट नहीं खेला। ये आईपीएल में केवल 4 ओवर का खेल है यार! 3 घंटे में मैच खत्म हो जाता है।
बता दे दीपक चाहर ने फरवरी में पीटीआई से बात करते हुए खुद को आईपीएल के लिए पूरी तरह फिट बताया था और कहा था कि उनको दो बड़ी चोट लगी थी। एक तो स्ट्रेस फै्रक्चर था और एक क्वाड्राइसेप्स (Quadriceps) मसल्स में ग्रेड 3 का टियर था। दुख की बात यह है कि आईपीएल की सभी फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के संपर्क में रहती है। दोनों के बीच में अच्छा तालमेल माना जाता है और फिर भी खिलाड़ियों का इस तरह से चोटिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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नेट बॉलिंग कम होने पर गावस्कर ने उठाया सवाल- माना जाता है कि बीसीसीआई ने चोटिल होने के जोखिम वाले खिलाड़ियों पर निगरानी रखने के लिए कहा है और नेट्स में उन्हें कम अभ्यास देने के लिए कहा है। लेकिन भारत के दिग्गज सुनील गावस्कर मानते हैं कि शायद यह एक समस्या हो सकती है क्योंकि खिलाड़ी जिम में ज्यादा समय बिता रहे हैं और नेट में उनकी बॉलिंग बहुत कम होती जा रही है।
गावस्कर ने एक कॉलम में कहा, "बायोमैकेनिक्स एक्सपर्ट कहते हैं कि नेट प्रैक्टिस में गेंदबाज को 20 डिलीवरी से ज्यादा नहीं करनी चाहिए। यह सब बकवास है। पुराने समय के गेंदबाज इसीलिए नहीं चोटिल होते थे क्योंकि वह नेट में बहुत ज्यादा बॉलिंग करते थे और जब मैच की बात आती थी तो उनकी बॉडी इसके लिए तैयार होती थी।"
बताया जा रहा है कि बीसीसीआई आईपीएल के बढ़ने के साथ अपने गेंदबाजों पर लोड को धीरे धीरे बढ़ा सकता है। यह भी संभव है कि लाल ड्यूक बॉल का नेट में इस्तेमाल किया जाए ताकि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तैयारी भी साथ-साथ हो सके। आईपीएल के बाद भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड की धरती पर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल मुकाबला खेलना है।












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