1 गेंद, 1 रन, 1 विकेट ! और फिर जीत, IPL में सिर्फ 2 बार हुआ है ऐसा
RCB vs LSG: आरसीबी और लखनऊ के बीच मुकाबला अंतिम गेंद तक चला गया था। अंततः लखनऊ की टीम ने एक विकेट से जीत दर्ज की।

IPL 2023 RCB VS LSG : सोमवार, बैंगलोर बनाम लखनऊ का मैच। मैच का नतीजा अंतिम गेंद पर होना था। क्लाइमैक्स का दृश्य था- 1 गेंद, 1रन और 1 विकेट। रोमांच के झूले पर झूलता हुआ मैच आखिरकार लखनऊ के पाले में जा गिरा। जीत का रन मिला 'बाई' से जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। आखिरी गेंद पर लखनऊ ने 1 विकेट से मैच जीत लिया। आइपीएल के इतिहास में ये सिर्फ दूसरा मौका था जब किसी टीम ने अंतिम गेंद पर 1 विकेट से जीत दर्ज की । इसके पहले 2018 में सनराईजर्स हैदराबाद ने मुम्बई इंडियंस को अंतिम गेंद पर 1 विकेट से हराया था।
झूले की तरह झूलता रहा मैच
निकोलस पूरन की आंधी (19 गेंद पर 62 रन) के बावजूद बैंगलोर ये मैच बचा सकता था। कम से कम टाई तो जरूर कर सकता था। आखिरी ओवर में लखनऊ को 5 रन बनाने थे। उस समय लखनऊ का स्कोर था 7 विकेट के नुकसान पर 208 रन। हर्षल पटेल अंतिम ओवर फेंक रहे थे। पहली गेंद पर जयदेव उनादकट ने 1 रन लिया। दूसरी गेंद पर मार्क वुड बोल्ड हो गये। अब चार गेंदों पर 4 रन चाहिए थे। तीसरी गेंद पर रवि विश्नोई ने 2 रन लेकर लखनऊ की उम्मीदें कायम रखीं। चौथी गेंद विश्वनोई ने 1 रन लिया। इसके साथ ही बैंगलोर और लखनऊ का स्कोर बराबर हो गया था। यानी अब लखनऊ किसी कीमत पर हार नहीं सकता था। हां, बैंगलोर मैच टाई जरूर कर सकता था। अब दो गेंदों पर लखनऊ को जीत लिए 1 रन चाहिए था। पांचवीं गेंद पर हर्षल ने उनादकट को आउट कर लखनऊ के दिलों की धड़कन बढ़ा दी। अब लगा कि मैच टाई हो जाएगा। लखनऊ को जीत के लिए 1 गेंद पर 1 रन चाहिए था और मैच टाई करने के लिए बैंगलोर को चाहिए था एक विकेट।
क्रिकेट का वो नियम जिससे बच गया रवि का विकेट
हर्षल किसी भी कीमत पर मैच टाई कराने पर अमादा थे। इसके लिए उन्होंने खेल भावना की भी तिलांजलि दे दी। जब वे आखिरी गेंद फेंकने के लिए पॉपिंग क्रीज के पास पहुंचे तो देखा कि ननस्ट्राइकर रवि विश्वनोई उनके गेंद रीलीज करने के पहले ही रन लेने के क्रीज से आगे आगे दौड़ चुके हैं। हर्षल ने रवि को क्रीज से बाहर देख कर गेंद स्टंप की तरफ फेंकी लेकिन वह नहीं लगी। हर्षल फॉलोथ्रू में आगे बढ़ चुके थे। फिर उन्होंने दोबारा गेंद उठायी और स्टंप पर थ्रो कर गिल्लियां बिखेर दी। रवि विश्वनोई अभी भी क्रीज से बाहर थे। लेकिन अंपायर ने क्रिकेट के नियम 38.3.1.2 के मुताबिक रवि का नॉटआउट करार दिया। इस नियम में प्रावधान है कि कोई गेंदबाज किसी ननस्ट्राइकर को तभी मांकडिंग (रनआउट) कर सकता है जब वह पॉपिंग क्रीज के अंदर हो या बॉल रीलीज प्वाइंट से आगे न बढ़ा हो। अगर गेंदबाज बॉलिंग एक्शन में बॉल रीलीज प्वाइंट से आगे बढ़ गया है तो वह ननस्ट्राइक को रनआउट नहीं कर सकता है। चूंकि हर्षल जब पहले प्रयास में मांकडिंग से चूक गये तो दोबारा बॉल लेने के लिए वे रीलीज प्वाइंट से आगे बढ़ गये। बस यहीं हर्षल से चूक हो गयी और वे रवि का स्टंप उखाड़ कर भी रन आउट नहीं कर सके। हर्षल अगर पहली कोशिश में गेंद स्टंप पर मार देते तो यह मैच टाई हो जाता और नतीजा कुछ भी हो सकता था।
मैच तो टाई था लेकिन अब कार्तिक चूके
लेकिन सोमवार की रात किस्मत लखनऊ के नवाबों के साथ थी। रवि रनआउट होने से बच गये। फिर भी लखनऊ मैच जीता नहीं था। अंतिम गेंद पर अभी भी 1 रन बनाना बाकी था। आखिरी गेंद पर लखनऊ के अंतिम बल्लेबाज आवेश खान कोई शॉट नहीं खेल पाये और गेंद विकेटकीपर दिनेश कार्तिक के पास चली गयी थी। यहां कोई रन नहीं बनना चाहिए था और मैच टाई हो जाना चाहिए था। लेकिन अनुभवी दिनेश कार्तिक बदकिस्मती से वह गेंद ठीक से कलेक्ट नहीं कर पाये। आवेश खान जान हथेली पर लेकर 1 रन के लिए दौड़ गये। रवि विश्वनोई तो ऐसे दौड़े जैसे कि वे स्प्रिंटर हों। जब तक कार्तिक आवेश को रनआउट करने के लिए गेंद फेंकते तब तक वह क्रीज में पहुंच चुके थे। यानी अंतिम दो गेंदों पर बैंगलोर के पास मैच टाई करने का मौका था लेकिन दोनों ही बार वह चूक गया।
हैदराबाद की अंतिम गेंद पर 1 विकेट से जीत
2018 के आइपीएल का सातवां मैच हैदराबाद और मुम्बई के बीच खेला गया था। इस मैच में आइपीएल इतिहास में पहली बार किसी टीम ने अंतिम गेंद पर एक विकेट से जीत दर्ज की थी। मुम्बई ने पहले खेलते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 147 रन बनाये। हैदराबाद को जीत के लिए तिम ओवर में 11रन चाहिए थे। हैदराबाद का स्कोर था 9 विकेट के नुकसान पर 127 रन। दीपक हुड्डा और बेन स्टेनलेक की आखिरी जोड़ी मैदान पर थी। मैच दोनों तरफ खुला हुआ था। मुम्बई को जीत के लिए सिर्फ 1 विकेट चाहिए था। मुम्बई के गेंदबाज बेन कटिंग बॉलिंग कर रहे थे। पहली गेंद पर हुड्डा ने छक्का मार दिया। दूसरी गेंद वाइड चली गयी। दूसरी गेंद पिर पेंकनी पड़ी जिस पर कोई रन नहीं बना। तीसरी गेंद पर हुड्डा ने 1 रन लिया। चौथी गेंद पर स्टेनलेक ने सिंगल लिया। पांचवीं गेंद पर हुड्डा ने 1 रन लेने की गलती कर दी। अब स्टेनलेक, जो कि एक गेंदबाज थे, को अंतिम गेंद खेलनी थी। जीत के लिए अभी भी 1 रन बाकी था। ऊंट किसी करवट बैठ सकता था। लेकिन स्टेनलेक ने सबको चौंकाते हुए अंतिम गेंद पर चौका मार कर अपनी टीम को 1 विकेट से रोमांचक जीत दिला दी थी।












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