'मन तो कर रहा था ड्रेसिंग रूम की तरफ न देखूं', जडेजा ने बताया पारी घोषित से पहले क्या हुई बातचीत
नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 222 रन और एक पारी की ऐतिहासिक जीत के साथ शुरुआत की है और 2 मैचों की सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 574 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम ने पहली पारी में 174 रन ही बनाये और ऑल आउट हो गई। भारतीय टीम ने श्रीलंका को फॉलो ऑन दिया और मैच के तीसरे ही दिन फिर से श्रीलंका को 178 रन पर ऑल आउट कर दिया।

इसके साथ ही भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ क्रिकेट इतिहास की तीसरी सबसे बड़ी जीत हासिल कर ली है। इस फेहरिस्त में भारत का ही नाम सबसे ऊपर है जिसने श्रीलंका को 2017 में नागपुर के मैदान पर 239 रन और एक पारी से हराया था, तो वहीं पर साउथ अफ्रीका की टीम ने केपटाउन के मैदान पर साल 2001 में 229 रन और एक पारी से हराया था। भारतीय टीम की इस जीत में रविंद्र जडेजा ने शानदार प्रदर्शन किया और बल्ले से नाबाद 175 रन बनाये तो वहीं गेंदबाजी से 9 विकेट भी अपने नाम किये।
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मन कर रहा था कि ड्रेसिंग रूम की तरफ न देखूं
रविंद्र जडेजा के इस शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। यह मोहाली के मैदान पर तीसरा मौका है जब रविंद्र जडेजा को मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। मैच के बाद जब रविंद्र जडेजा से उनकी बल्लेबाजी को लेकर बात की गई और पूछा गया कि क्या वो नहीं चाहते थे कि उनका दोहरा शतक पूरा हो जाये तो उन्होंने कहा कि मन तो कर रहा था कि ड्रेसिंग रूम की तरफ न देखूं और बस खेलता चला जाऊं।
उन्होंने कहा,'मन तो कर रहा था कि ड्रेसिंग रूम की तरफ न देखूं और खेलता चला जाऊं, पर टीम की रणनीति के हिसाब से यह जरूरी था। उनकी टीम लगभग 2 दिन तक फील्डिंग कर चुकी थी, ऐसे में उनके बल्लेबाज काफी थके हुए थे और हमारे लिये आखिरी सेशन 4-5 विकेट लेने का यह बेहतरीन मौका था। सौभाग्य से हम 4 विकेट चटकाने में कामयाब रहे और इसका फायदा हमें मिला। मेरे लिये अपने दोहरे शतक से ज्यादा टीम की जीत में योगदान देना जरूरी है।'

टीम की जीत के लिये जरूरी था पारी घोषित करना
उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम के लिये रविंद्र जडेजा ने पहली पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 175 रन बना लिये थे और ऐसा लग रहा था कि वो अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय दोहरा शतक लगा सकते हैं। लेकिन कप्तान रोहित ने पारी घोषित कर उन्हें वापस बुला लिया जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले की काफी आलोचना हुई, हालांकि जडेजा के हिसाब से टीम की जीत के लिये यह फैसला बेहद जरूरी था।
जडेजा ने फैसले पर बात करते हुए कहा,'रोहित ने कुलदीप को लेकर जो मैसेज भेजा था उसमें टीम की रणनीति और मेरे फैसले के बारे में पूछा गया था, जब मैंने गेमप्लान सुना तो मैंने पारी घोषित करने के साथ जाने का फैसला किया। अगर आप टीम की जीत के हिसाब से देखेंगे तो यह फैसला जरूरी था। आप चाहते हैं कि जब विपक्षी टीम कमजोर हो तब ही वार किया जाये। अगर मेरा दोहरा शतक पूरा हो जाता और श्रीलंका अगले दिन तरोताजा होकर खेलती तो उसका यह प्रभाव नहीं पड़ता। मुझे खुशी है कि मेरी पारी की बदौलत हम ऐसी स्थिति में पहुंचे जहां पर हमें एक बड़ी जीत प्राप्त हो गई।'

बल्लेबाजी में किस वजह से पड़ा है फर्क
रविंद्र जडेजा से इस दौरान उनकी बल्लेबाजी के तरीके में आये बदलाव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी इसको लेकर कहा है और दोबारा कह रहा हूं कि मैंने तकनीकी रूप से कोई बदलाव नहीं किये हैं। मैं घरेलू क्रिकेट में जब खेलता था तो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करता था और उस दौरान मेरा साथ देने के लिये कई बल्लेबाज होते थे, लेकिन यहां पर मुझे 7वें नंबर खेलना पड़ता है और तब आपके पास ज्यादा विकल्प नहीं होते हैं। सौभाग्य से इस मैच में पहले पंत, फिर अश्विन और फिर शमी ने मेरा साथ निभाया और मैं यह करने में कामयाब हो सका। मैंंने बस मानसिकता को बेहतर किया है बस।












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