IND vs SA: 3 खिलाड़ी जिनके दम साउथ अफ्रीका ने जोहान्सबर्ग में रचा इतिहास, मिली ऐतिहासिक जीत

नई दिल्ली। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली जा रही 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच जोहान्सबर्ग के मैदान पर खेला गया जहां पर डीन एल्गर की कप्तानी वाली साउथ अफ्रीका की टीम ने 7 विकेट से जीत हासिल कर सीरीज में वापसी कर ली है और सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। साउथ अफ्रीका की टीम ने 240 रनों का पीछा करते हुए महज 3 विकेट ही खोये और बारिश से प्रभावित होने के बावजूद चौथे दिन कप्तान डीन एल्गर के दम पर मैच में वापसी कर ली और 11 साल में पहली बार 200 से ज्यादा रन चेज कर लिया। साउथ अफ्रीका की टीम ने आखिरी बार साल 2011 में 200 से ज्यादा रनों का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी। जोहान्सबर्ग के मैदान पर पहली बार हुआ है जब साउथ अफ्रीका की टीम ने चौथी पारी में 200 से ज्यादा रनों का पीछा करते हुए जीत हासिल की है।
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वहीं पर साउथ अफ्रीका की टीम ने भारत के खिलाफ जोहान्सबर्ग के मैदान पर अपनी पहली जीत हासिल की है। साउथ अफ्रीका ने इस मैदान पर भारत के खिलाफ अपना छठा मैच खेला है, जिसमें से उसे दो बार हार और 3 बार ड्रॉ का सामना करना पड़ा है। बारिश और हेवी रोलर की वजह से परिस्थितियों में साउथ अफ्रीकी टीम को इस जीत में काफी मदद मिली लेकिन सीरीज में वापसी लाने में उसके खिलाड़ियों ने काफी रोल निभाया। आइये एक नजर उन खिलाड़ियों पर डालें जिनकी वजह से साउथ अफ्रीका की टीम ने यह ऐतिहासिक जीत हासिल की है।
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डीन एल्गर (Dean Elgar)
जोहान्सबर्ग के मैदान पर खेले गये इस मैच में साउथ अफ्रीका के लिये जिस खिलाड़ी ने जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई वो हैं कप्तान साउथ अफ्रीका, जिन्होंने पहली पारी में 28 और दूसरी पारी में नाबाद 96 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई। डीन एल्गर ने इस मैच में साउथ अफ्रीका की टीम के लिये दूसरी पारी में एंकर का रोल निभाया जिनके इर्द-गिर्द पूरी पारी घूमती नजर आयी। एल्गर ने 240 रनों का पीछा करते हुए पहले एडेन मार्करम (31) के साथ 47 रनों की साझेदारी की तो वहीं दूसरे विकेट के लिये कीगन पीटरसन (28) के साथ 46 रन जोड़ डाले। तीसरे विकेट के लिये एल्गर ने रासी वैन डार दुसैं (40) के साथ 82 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया। एल्गर ने टेंबा बावुमा (23) के साथ नाबाद 68 रनों की साझेदारी की और अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

कगिसो रबाडा (Kagiso Rabada)
साउथ अफ्रीका के लिये इस मैच में जीत के जो दूसरे हीरो रहे वो थे तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा, जिन्होंने इस मैच में 6 विकेट चटकाये और उन मौकों पर विकेट हासिल किया जब भारतीय टीम उनसे आगे निकल सकती थी। पहली पारी में रबाडा ने हनुमा विहारी, मोहम्मद शमी और सिराज का विकेट हासिल किया तो वहीं पर दूसरी पारी में अच्छी लय में नजर आ रहे अजिंक्य रहाणे (58), चेतेश्वर पुजारा (53) और ऋषभ पंत (0) का विकेट लिये जिसने मैच का रुख बदल दिया। तीसरे दिन जब रहाणे और पुजारा चौथे विकेट के लिये 111 रनों की साझेदारी कर चुके थे तो कगिसो रबाडा गेंदबाजी करने आये और अपने लगातार 3 ओवर्स में यह 3 विकेट हासिल कर भारतीय टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। यहां पर अगर भारतीय टीम ने लगातार 3 बड़े विकेट नहीं खोये होते तो चौथी पारी में भारतीय टीम के खाते में 50-60 रन और जुड़ सकते थे और नतीजे में काफी फर्क देखने को मिल सकता है।

मार्को येन्सन (Marco Jansen)
साउथ अफ्रीका की टीम को मिली ऐतिहासिक जीत में मार्को जेन्सन ने भी अहम भूमिका निभाई और 7 विकेट हासिल किये। मार्को येन्सन ने इसी सीरीज में अपना टेस्ट डेब्यू किया था और दूसरे मैच में ही मैच जिताऊ प्रदर्शन किया। येन्सन ने पहली पारी में केएल राहुल (50), मयंक अग्रवाल (26), ऋषभ पंत (17) और रविचंद्रन अश्विन (46) का विकेट लिया। भारतीय टीम के लिये पहली पारी में ये वो 4 बल्लेबाज रहे जिन्होंने अच्छी पारियां खेली और टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचाया लेकिन मार्को की गेंदबाजी का ही नतीजा रहा कि भारतीय टीम पहली पारी में 202 रन ही बना सकी। दूसरी पारी में येन्सन ने केएल राहुल (8), शार्दुल ठाकुर (28) और मोहम्मद शमी (0) का विकेट लिया। दूसरी पारी में भी येन्सन ने जो 3 विकेट लिये उसमें से दो विकेट भारतीय टीम के लिये बेहद अहम रहे।












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