IND vs SA 3rd T20: तीसरे टी20 में धड़ाधड़ छूटेंगे कैच! मौसम को लेकर भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच डर का माहौल
IND vs SA 3rd T20: क्रिकेट फैंस रविवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले तीसरे T20I मैच का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन, हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत धर्मशाला में खिलाड़ियों और मैच के नतीजे पर सबसे बड़ा प्रभाव गेंद या बल्ले का नहीं, बल्कि बर्फीली ठंड का पड़ने वाला है।
मौसम विभाग के अनुसार, मैच के समय (शाम 7:00 बजे से) यहाँ का तापमान तेजी से गिरेगा, और महसूस किया जाने वाला तापमान शून्य के करीब भी पहुँच सकता है।

तापमान जो रिकॉर्ड तोड़ सकता है
धर्मशाला में दिसंबर में मौसम बेहद ठंडा होता है, लेकिन शाम के T20I के लिए यह अभूतपूर्व चुनौती है. मैच के दौरान हवा और आर्द्रता के कारण तापमान 8°C से 6°C के बीच रहेगा। खिलाड़ियों को यह ठंड 0°C से -4°C तक महसूस हो सकती है, जिसे क्रिकेट की भाषा में 'बर्फीला मुकाबला' कहा जा सकता है।
इतनी हाड़ कंपाने वाली ठंड में, खिलाड़ियों के लिए सिर्फ प्रतिद्वंद्वी टीम को हराना ही नहीं, बल्कि खुद को चोट से बचाना और खेल पर ध्यान केंद्रित रखना भी एक बड़ी चुनौती होगी।
ठंड से जुड़ी 3 सबसे बड़ी चुनौतियाँ
ओस का बर्फीला हमला
मैच की दूसरी पारी में ओस का आना लगभग तय है। यह ओस, ठंडे तापमान के कारण, गेंद को इतना गीला और चिपचिपा बना देगी कि स्पिनरों के लिए गेंद को ग्रिप करना असंभव हो जाएगा। तेज गेंदबाजों को यॉर्कर और स्लोअर गेंदों को नियंत्रित करने में मुश्किल होगी। टॉस जीतने वाली टीम का पहले गेंदबाजी करने का फैसला लगभग निश्चित है, ताकि वे ओस से बच सकें।
तेज गेंदबाजों के लिए खतरा
ठंड में शरीर की नसें और मांसपेशियाँ सिकुड़ जाती हैं। तेज गति से गेंद फेंकते समय मांसपेशियों में खिंचाव या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। गेंदबाजों को हर ओवर के बीच में और फील्डिंग के दौरान खुद को लगातार गर्म रखने के लिए विशेष वार्मअप रूटीन अपनाने होंगे।
बल्लेबाजों और फील्डरों का दर्द
जब गेंद बल्ले से लगती है या फील्डिंग के दौरान हाथों में आती है, तो तीव्र ठंड के कारण दर्द ज़्यादा महसूस होता है। फील्डिंग करते समय, कड़क गेंद को हाथ में रोकना फील्डरों के लिए असहज हो सकता है। बल्लेबाजों को अपनी कलाई और बाजुओं को लचीला रखना चुनौती होगी।












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