6 महीने के अंदर पिता-भाई को खोया, बहन को है कैंसर, बेहद ही दर्द भरी है Akash Deep Singh की कहानी
Akash Deep Singh: किसी कवि ने क्या खूब कहा है कि 'कभी किसी की हंसी का मतलब खुशी से नहीं होता, क्या पता इस मुस्कान के पीछे कितना दर्द छिपा हो', ये बात पूरी तरह से सही बैठती है इंडियन स्टार क्रिकेटर आकाश दीप सिंह पर, जिनका नाम आज हर क्रिकेट प्रेमी की जुबान पर है। एजबेस्टन टेस्ट मैच में 10 विकेट लेकर अंग्रजों की बैंड बजाने वाले आकाश दीप सिंह के मुरीद तो 'गॉड ऑफ इंडियन क्रिकेट' सचिन तेंदुलकर भी हो गए हैं।
आपको बता दें कि शुभमन गिल की अगुवाई में भारत ने बर्मिंघम में इंग्लैंड को सीरीज के दूसरे मुकाबले में 336 रनों से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इंग्लैंड दौरे पर ओवल में अंतिम टेस्ट मैच में आकाश दीप ने अपने बल्ले से कमाल दिखाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियाँ उड़ा दी, उन्होंने 70 गेंदों में अपना पहला टेस्ट अर्धशतक जमा दिया।

आकाश दीप सिंह के आगे अंग्रेज चारों खाने चित्त
इस जीत में अहम भूमिका आकाश दीप सिंह ने निभाई, जिनकी कसी हुई गेंदबाजी ने अंग्रजों के छक्के छुड़ा दिए। जसप्रीत बुमराह की जगह मैच में शामिल हुए आकाश दीप सिंह ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया और अपने करिश्माई खेल से ना केवल हिंदुस्तान को जीतने में मदद की बल्कि हर भारतीय का सीना भी गर्व से चौड़ा कर दिया।
Akash Deep Singh सिंह की बहन को है कैंसर
जीत के बाद इस चमत्कारिक गेंदबाज ने जियो हॉटस्टार पर चेतेश्वर पुजारा से बातचीत की और इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कहा, जिसे सुनकर किसी की भी आंखें भर आएंगी। दरअसल आकाश दीप सिंह ने अपनी ये जीत अपनी बहन को समर्पित की, जो कि कैंसर से जूझ रही हैं।
'मुझे अपनी हर बॉल में उसका चेहरा दिखाई देता था'
उन्होंने बताया कि 'दो महीने पहले ही पता चला है कि उनकी बहन को कैंसर है, मैंने इस बारे में किसी से कोई बात नहीं की लेकिन मुझे अपनी हर बॉल में उसका चेहरा दिखाई देता था। मुझे पूरा भरोसा है कि आज उसे मेरे प्रदर्शन पर काफी खुशी महसूस हुई होगी।'
Akash Deep Singh का सफर बहुत ही मु्श्किलों से गुजरा है
इसके बाद खुद को संभालते हुए आकाश दीप ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनकी प्लानिंग टेस्ट मैच में कामयाब हुईं। आपको बता दें कि आकाश का सफर बहुत ही कठिनाईयों भरा रहा है। वो मूल रूप से बिहार के सासारम के रहने वाले हैं।
Akash Deep Singh के पिता क्रिकेट के खिलाफ थे
उनके यहां क्रिकेट को करियर बनाने की बातें कोई सोच भी नहीं सकता था। उनके पिता उनके क्रिकेट के खिलाफ थे, वो चाहते थे कि वो पढ़लिखकर अच्छी नौकरी करे लेकिन आकाश दीप सिंह को तो खेल से प्यार हो गया था, वो छुप-छुप कर क्रिकेट खेला करते थे।
साल 2015 में पिता और भाई का हुआ निधन
अब इसे नियति की क्रूरता कहें या फिर कुछ और... क्रिकेट के इस सितारे पर साल 2015 में वज्रपात हुआ, दरअसल उस साल इनके पिता का लकवा की वजह से निधन हो गया और उनके मृत्यु के 6 महीने के भीतर ही आकाश दीप के बड़े भाई ने भी बीमारी की वजह से दुनिया को अलविदा कह दिया।
3 साल तक क्रिकेट से दूर रहे Akash Deep Singh
जिसके बाद आकाश दीप के ऊपर घर की जिम्मेदारी आ गई और उस जिम्मेदारी को निभाते हुए क्रिकेट खेलना आसान नहीं था। इन्हीं परेशानियों की वजह से उन्होंने 3 साल तक क्रिकेट से दूरी बना ली थी लेकिन दुर्गापुर (बंगाल) आने के बाद क्रिकेट ने ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की आशा दी और आज उसका नतीजा सबके सामने है।
एक नजर सासाराम के Akash Deep Singh के अब तक के सफर पर...
- तीन साल तक क्रिकेट से दूर रहने वाले आकाशदीप ने 2010-11 में दुर्गापुर लौटकर United Club (CAB प्रथम श्रेणी) से गेंदबाजी ने पहचान पाई।
- 9 मार्च 2019 को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बंगाल की ओर से T20 में पदार्पण किया ।
- 24 सितंबर 2019 को विजय हजारे ट्रॉफी में डेब्यू
- 25 दिसंबर 2019 को रणजी ट्रॉफी में पदार्पण ।
- 2021 के आईपीएल मेगा ऑक्शन में आरसीबी ने बेस प्राइस ₹20 लाख पर उन्हें खरीदा था,
- 2022 में पहले मैचों में शानदार प्रदर्शन भी रहा ।
- फरवरी 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट (रांची) में उन्हें भारत की टेस्ट टीम में शामिल किया गया।
- अभी वो इंडियन प्रीमियर लीग में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेल रहे हैं।












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