टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे सफल रन चेज, टॉप-10 में भारत का दो बार है नाम
बर्मिंघम, 5 जुलाई: इंग्लैंड की टीम ने एक और चर्चित टेस्ट जीत हासिल करते हुए पटौदी ट्रॉफी का पांचवा टेस्ट मुकाबला जीत लिया। यह मैच 5 जुलाई को बर्मिंघम में समाप्त हुआ जहां इंग्लैंड की टीम ने 76.4 ओवर में 378 रनों का पीछा बहुत आसानी से कर लिया इसके साथ ही भारत को 7 विकेट से करारी हार मिली। जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने दूसरी पारी में शतक लगाए। इससे पहले भारतीय टीम ने पहली पारी में 416 रन बनाए थे क्योंकि ऋषभ पंत और रविंद्र जडेजा ने शतकीय पारी खेली थी जिसके बाद इंग्लैंड की टीम को 284 रनों पर भी समेटने में कामयाबी हासिल हुई।

इंग्लैंड की चेज करते हुए बड़ी जीत
इस तरह भारतीय टीम को 132 रनों की बढ़त मिल गई थी लेकिन यहां पर भी वे जॉनी बेयरस्टो से पार नहीं पा सके थे जिन्होंने 140 गेंदों पर 106 रन बनाए थे। दूसरी पारी में भारत की बारी थी कि वे इंग्लैंड को अच्छा टारगेट सेट करें। टीम इंडिया यहां थोड़ी चूक गई क्योंकि वह 245 रनों पर ही ढेर हो गई। इसके बावजूद 378 काफी अच्छा लक्ष्य था लेकिन अंग्रेजों ने एलेक्स लीस और जैक क्रॉली के दम पर अच्छी शतकीय साझेदारी की और उसके बाद सारा खेल जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने आगे बढ़ाया।

टेस्ट में सबसे बड़े 8वें लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा
चौथे विकेट के लिए 269 रन बनाए, इसके साथ ही इंग्लैंड टेस्ट में सबसे बड़े 8वें लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने वाली टीम बन गई। इस लिस्ट में वेस्टइंडीज ने सबसे ऊंचा स्थान हासिल किया हुआ है क्योंकि उन्होंने 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एंटीगुआ में 128.5 और में 7 विकेट के नुकसान पर 418 रनों का टारगेट पूरा किया था। दक्षिण अफ्रीका की टीम भी 2008 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 414 रनों के लक्ष्य का पीछा कर चुकी है, जबकि 1948 में आस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 404 रनों के लक्ष्य का पीछा किया था।

भारतीय टीम ने भी अपना नाम दर्ज कराया है
यहां पर 1976 में भारतीय टीम ने भी अपना नाम दर्ज कराया है क्योंकि उन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीतने के लिए 406 रन बना गए थे। वेस्टइंडीज ने पिछले साल ही बांग्लादेश को हराने के लिए 395 रनों की बाधा पार की थी और उसके बाद श्रीलंका की बारी आती है जिन्होंने जिंबाब्वे के खिलाफ छह विकेट पर 391 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।

आप इस लिस्ट को यहां पर देख सकते हैं-
भारतीय टीम एक बार फिर इस लिस्ट में अपनी जगह बनाती है क्योंकि उन्होंने 2008 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ 4 विकेट पर 367 रन चेंज करते हुए बनाए थे। इसके बाद इंग्लैंड की 5 जुलाई की जीत आती है। आप इस लिस्ट को यहां पर देख सकते हैं-
- वेस्ट इंडीज 418/7 बनाम ऑस्ट्रेलिया, सेंट जॉन्स 2003
- दक्षिण अफ्रीका 414/4 बनाम ऑस्ट्रेलिया, पर्थ 2008
- ऑस्ट्रेलिया 404/3 बनाम इंग्लैंड, लीड्स 1948
- भारत 406/4 बनाम वेस्ट इंडीज, पोर्ट ऑफ स्पेन 1976
- वेस्ट इंडीज 395/7 बनाम बांग्लादेश, चैटोग्राम 2021
- श्रीलंका 391/6 बनाम जिम्बाब्वे, कोलंबो (आरपीएस) 2017
- भारत 387/4 बनाम इंग्लैंड, चेन्नई 2008
- इंग्लैंड 378/3 बनाम भारत, बर्मिंघम 2022
- पाकिस्तान 382/3 बनाम श्रीलंका, पल्लेकल 2015
- ऑस्ट्रेलिया 369/6 बनाम पाकिस्तान, होबार्ट 1999

इंग्लैंड 450 का पीछा करने के लिए हुंकार रहा है
इस बात की प्रबल संभावनाएं हैं कि इंग्लैंड अपनी धरती पर आने वाले समय में और भी इस तरह की बड़ी जीत हासिल करेगा क्योंकि बेन स्टोक्स ने मैच के बाद कहा है कि वह 450 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में भी दिक्कत महसूस नहीं करेंगे। शतकवीर जो रूट भी कह चुके हैं कि 378 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में उन्होंने एक बार भी मैच को ड्रा करने के बारे में नहीं सोचा। जब से इंग्लैंड टीम के क्रिकेट कोच ब्रैंडन मैकुलम बने हैं तब से लाल गेंद क्रिकेट का हिसाब इंग्लैंड ने बदल दिया है क्योंकि जो रूट की जगह बेन स्टोक्स को कप्तान बनाया है जो काफी आक्रामक क्रिकेट खेलते हैं।

इंग्लैंड अभी और करेगा 'एंटरटेनमेंट'
हो सकता है भविष्य में इस टीम में जॉस बटलर ओपनिंग करते हुए दिखाई दें, जो तूफानी प्रहार कर सकते हैं। इसके अलावा मध्यक्रम में मोईन अली जैसा आक्रामक बल्लेबाज भी खेल सकता है। अगर ऐसा हुआ तो इंग्लैंड की टीम अटैकिंग बल्लेबाजों से भरी होगी जो शायद अविश्वसनीय टारगेट को भी अपनी धरती पर हासिल कर सकते हैं। अब दुनिया देखना चाहेगी कि इंग्लैंड विदेशी धरती पर भी इसी आक्रामकता के साथ खेलते हुए जीत हासिल कर पाएगा या नहीं। फिलहाल भारतीय टीम के साथ अंग्रेजों की श्रंखला समाप्त हो गई है और अब सफेद गेंद की गेम शुरू होगी जिसमें तीन वनडे और तीन मुकाबले खेले जाने हैं और रोहित शर्मा की बतौर कप्तान वापसी होनी है।












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