IND vs AUS: अहमदाबाद टेस्ट में महाकालेश्वर के आशीर्वाद से कोहली खेलेंगे बड़ी पारी !
विराट कोहली के बल्ले से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में रन देखने को नहीं मिले हैं, अगले टेस्ट में उनसे उम्मीद की जा सकती है।

IND vs AUS: विरोट कोहली ने फॉर्म में वापसी के लिए बाबा महाकालेश्वर के दरबार में हाजिरी लगायी है। जब निराशा बढ़ जाती है तो उससे उबरने के लिए व्यक्ति ईश्वर की ही शरण में जाता है। असफलता की पीड़ा मर्मांतक होती है। हार के बाद जब टीम के बाकी साथी इंदौर की टर्निंग पिच पर प्रैक्टिस कर रहे थे तब कोहली ने ब्रेक लेकर उज्जैन की तीर्थयात्रा की। प्रैक्टिस से अधिक उन्होंने ईश्वर की आराधना को महत्व दिया।
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पांच पारियों में कोहली के सिर्फ 121 रन
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में कोहली का बल्ला खामोश है। अब तक खेले गये तीन टेस्ट मैचों की पांच पारियों वे सिर्फ 121 रन ही बना पाये हैं। उनका सर्वाधिक स्कोर 44 है। यानी दुनिया का यह धुरंधर बल्लेबाज इस सीरीज में एक अर्धशतक भी नहीं लगा पाया है। अहमदाबाद टेस्ट भारत के लिए निर्णायक है। इसके ही नतीजे से तय होगा कि भारत टेस्ट विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचेगा या नहीं। ऐसे में कोहली चाहते हैं कि कम से कम अहमदाबाद टेस्ट में वे जरूर बड़ा स्कोर करें। शायद इसी मनोकामना की पूर्ति के लिए विराट कोहली ने पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा-अर्चना की।
बाबा के आशीर्वाद से एशिया कप में शतक !
हाल के दिनों में कोहली दूसरी बार निराश के भंवर में घिरे हैं। 2022 में एशिया कप के पहले तक विराट कोहली बिल्कुल रन नहीं बना पा रहे थे। नवम्बर 2019 के बाद उनके बल्ले से एक भी शतक नहीं निकला था। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम से निकालने की मांग होने लगी थी। तब उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ शतक लगा कर अपने डूबते करियर को बचा लिया था। 34 साल की उम्र में उन्होंने अपने जीवन का पहला टी-20 शतक लगाया था। वैसे तो विराट कोहली की काबिलियत में किसी को कोई शक नहीं। लेकिन कहा जाता है कि उन्हें यह कामयाबी बाबा नीम करोली महाराज के आशीर्वाद से मिली थी। शतक लगाने के बाद विराट कोहली ने इंस्टग्राम पर बाबा नीम करोली महाराज की तस्वीर लगा कर अपनी आस्था प्रगट की थी। इसके बाद ही पता चला कि कोहली और अनुष्का शर्मा बाबा के भक्त हैं।
जब ऊपर वाले को देना होता है, तभी देता है
आधुनिक युग में कुछ लोग सोचते हैं कि कामयाबी के लिए सिर्फ मेहनत और योग्यता की जरूरत है। भाग्य, पूजा-पाठ बेकार की बाते हैं। लेकिन ऐसे व्यक्ति जब गहन अंधकार में फंस जाते हैं और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं सूझता तो उनकी सोच बदल जाती है। 2016 में जब कोहली की तूती बोलती थी तब उनकी नजर में पूजा-पाठ की कोई अहमियत नहीं थी। उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर एक तरह से गुरूर था। एक प्रेस वार्ता में जब उनसे पूछा गया कि क्या आप बैटिंग में एकाग्रता हासिल करने के लिए पूजा-पाठ भी करते हैं ? तो उन्होंने मजाक उड़ाते हुए अपनी बांह पर बने टैटू की तरफ देखते हुए कहा था, क्या मैं आपको पूजा-पाठ टाइप का लगता हूं ? मैं ऐसी बातों की बजाय प्रैक्टिस पर ध्यान देता हूं। लेकिन कोहली का यह घमंड जल्द ही टूट गया। सिर्फ प्रैक्टिस पर ध्यान देने वाले कोहली एक-एक रन के लिए तरसने लगे। नवम्बर 2019 से लेकर जुलाई 2022 तक वह नाकामियों के बीच झूलते रहे।
क्या ऊपर वाले की कृपा से बचा था कोहली का करियर ?
एशिया कप 2022 विराट कोहली के करियर का टर्निंग प्वाईंट था। अगर इस प्रतियोगिता में कोहली सफल नहीं हुए रहते तो संभवत: उनका चमकता हुआ करियर खत्म हो जाता। लेकिन ईश्वर ने कोहली की सुन ली। इस प्रतियोगिता में कोहली ने पांच पारियों में 276 रन बनाये थे जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। वे प्रतियोगिता के दूसरे सफल बल्लेबाज थे। पाकिस्तान के खिलाफ 60 रनों की पारी खेलने के बाद कोहली ने कहा था, “आप ईमानदारी से खेलते हो लेकिन देने वाला, ऊपर वाला है। कितना भी हांथ-पांव मार लो उसे जब देना होता है तभी देता है, कोई और कुछ नहीं कर सकता।” जो कोहली कभी पूजा-पाठ का मजाक उड़ाते थे बाद में उन्हें अपनी मुक्ति का मार्ग ईश्वर में दिखायी देने लगा।
बाबा नीम करोली महाराज के भक्त
एशिया कप की कामयाबी के बाद कोहली की आध्यातमिक आस्था और बढ़ गयी। नवम्बर 2022 में विराट कोहली, अनुष्का शर्मा और उनकी पुत्री वामिका नीम करौली बाबा के आश्रम पहुंचे थे। यह आश्रम उत्तराखंड के नैनीताल जिले के कैंची धाम में बना है। कैंची धाम नैनीताल से करीब 22 किलोमीटर दूर अल्मोड़ा मार्ग पर अवस्थित है। कोहली अपने परिवार के साथ हेलीकॉप्टर से नैनीताल के गढ़मुक्तेश्वर पहुंचे थे। फिर वहां से आश्रम गये थे। कहा जाता है कि अनुष्का शर्मा ने अपने पति की कामायबी के लिए बाबा से मनौती मांगी थी। इसके बाद कोहली ने चार पारियों में तीन शतक लगाये थे। जनवरी 2023 में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में 113 और तीसरे एकदिवसीय मैच में 166 रनों की पारी खेली थी। इसके पहले बांग्लादेश के खिलाफ भी उन्होंने शतक बनाया था। वैसे तो कोहली सक्षम बल्लेबाज हैं लेकिन कहा जाता है कि उनका यह धाकड़ प्रदर्शन बाबा नीम करोली महाराज के आशीर्वाद से संभव हुआ था। बाबा नीम करोली ने 1973 में वृंदावन में अपने शरीर का त्याग कर दिया था। यहां उनकी समाधि बनी हुई है। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने बाबा की समाधि पर भी जाकर मन्नत मांगी थी। अब विराट कोहली ने टेस्ट मैच में कामयाबी के लिए महाकालेश्वर का आशीर्वाद लिया है।












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