IND vs ZIM: चेपॉक में ओस का इलाज! अमेरिका से मंगाया गया खास केमिकल, भारत-ज़िम्बाब्वे मैच में तगड़ा इंतजाम
IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे के बीच आज होने वाले करो या मरो के मुकाबले से पहले चेपॉक स्टेडियम की आउटफील्ड पर एक विदेशी केमिकल का छिड़काव किया जाना है। यह कदम टॉस की भूमिका को कम करने और खेल के दौरान ओस के प्रभाव को खत्म करने के लिए उठाया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार स्टेडियम के अधिकारियों ने अमेरिका से 'Dew Cure' नाम का एक खास केमिकल मंगवाया है। यह केमिकल आमतौर पर अमेरिका में मेजर लीग बेसबॉल (MLB) के मैदानों पर इस्तेमाल किया जाता है।

काम करने का तरीका
जब इस केमिकल को पानी में मिलाकर आउटफील्ड की घास पर छिड़का जाता है, तो यह घास की पत्तियों पर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है। यह नमी को सोख लेता है और घास को गीला होने से रोकता है, जिससे गेंद गीली नहीं होती और फील्डिंग या गेंदबाजी में परेशानी नहीं आती।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
चेन्नई में पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ा है, जिसके कारण शाम के समय मैदान पर भारी ओस गिरने की संभावना रहती है। टी20 क्रिकेट में ओस गिरने से बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम को काफी नुकसान होता है क्योंकि गेंद गीली होने के कारण ग्रिप करना मुश्किल हो जाता है। भारत के लिए यह एक मस्ट-विन मैच है, इसलिए आयोजक खेल की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। अब इसका फायदा यही होगा कि टॉस जीतने का हारने का फर्क नहीं पड़ेगा, जिस टीम के गेम में दमखम होगा, जीत उसकी होगी।
BCCI और IPL के लिए बन सकता है मॉडल
खबरों के अनुसार, तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) ने मंगलवार और बुधवार को इसका छिड़काव किया है और आज मैच से पहले भी इसकी प्रक्रिया दोहराई जाएगी। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो BCCI आगामी IPL 2026 के सभी मैचों और विश्व कप के सेमीफाइनल/फाइनल मुकाबलों में भी इसे अनिवार्य कर सकता है।












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