धोनी से पहले सहवाग थे ईशान किशन के आइडल, कहा- उन्होंने ब्रेट ली से लेकर शोएब अख्तर तक को धोया है
ईशान किशन ने एक इंटरव्यू में बताया है कि वो बचपन में वीरेंद्र सहवाग के हाइलाइट्स काफी देखते थे, इसीलिए लोग उनकी तुलना उनसे कर सकते हैं। ईशान ने हाल ही में वनडे करियर का सबसे तेज दोहरा शतक लगाया है।

बांग्लादेश के खिलाफ हाल ही में अपने पहले वनडे शतक को दोहरे शतक में तब्दील करने वाले ईशान किशन कई मौकों पर यह बात कह चुके हैं कि वो पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अपना आदर्श मानते हैं। ईशान ने वनक्रिकेट को दिए अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में फिर से यही कहा है कि वो माही भाई को अपना आदर्श मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धोनी को अपना आदर्श मानने से पहले ईशान किस खिलाड़ी की बल्लेबाजी को देख-देखकर बड़े हुए हैं? अगर नहीं तो हम आपको बताते हैं कि आखिर वो खिलाड़ी है कौन? दरअसल, ईशान किशन ने धोनी से पहले वीरेंद्र सहवाग को अपना आइडल माना है। ईशान के अटैकिंग बैटिंग स्टाइल को देखने के बाद लोग उन्हें बाएं हाथ का सहवाग ही बता रहे हैं।
वीरेंद्र सहवाग के हाइलाइट्स देखते थे ईशान
ईशान ने अपने ताजा इंटरव्यू में इस बारे में खुलकर बात की है। ईशान से जब पूछा गया कि लोग आपके बैटिंग स्टाइल की तुलना वीरेंद्र सहवाग से कर रहे हैं तो ईशान ने इसके जवाब में कहा, "हो सकता है मैं शायद उनकी तरह बल्लेबाजी करता हूं, क्योंकि मैंने उनकी बल्लेबाजी को बहुत बारिकी से देखा है। मैं बचपन में उनके हाइलाइट्स खूब देखता था। जैसा कि उन्होंने ब्रेट ली से लेकर शोएब अख्तर तक की धुनाई की है। वो मैदान के चारों ओर सभी गेंदबाजों की धुनाई किया करते थे।"
ईशान की तुलना सहवाग से गलत नहीं
वैसे ईशान की वो दोहरे शतक वाली पारी को देखा जाए तो पता चलता है कि उनकी सहवाग के बैटिंग स्टाइल से तुलना करना गलत नहीं होगा, क्योंकि ईशान ने सिर्फ 126 गेंदों में अपने वनडे करियर का पहला दोहरा शतक लगाया था। इतना ही नहीं उन्होंने डबल सेंचुरी लगाने के बाद यह कहा था कि वो 210 के बाद 300 बनाने की ओर देख रहे थे, क्योंकि उस वक्त 15 ओवर बाकि थे। ईशान की बल्लेबाजी में बिल्कुल भी खौफ नजर नहीं आया था। उन्होंने 99 या फिर 199 पर अपने बैटिंग के तरीके को वहीं रखा।
धोनी को ईशान ने क्या कहा?
इंटरव्यू के दौरान ईशान ने बताया कि माही भाई और एडम गिलक्रिस्ट उनके आइडल रहे हैं, लेकिन इन दोनों में से अगर किसी एक के बारे में पूछा जाए तो निश्चित रूप से मैं माही भाई का नाम लूंगा। ईशान ने कहा कि मैं एडम गिलक्रिस्ट की बल्लेबाजी और उनके कौशल को रखने के कौशल से प्यार करता हूं, लेकिन धोनी भाई, मैंने उन्हें मैदान पर, मैदान के बाहर, शांति और सब कुछ के रूप में देखा है। जिस तरह से वह सबसे मिलते हैं। इसलिए ये चीजें भी मायने रखती हैं - आप कैसे काम करते हैं और यह जानना कि वह इसे कैसे करता है और यह किस तरह से करता है। उसने मेरी भी बहुत मदद की है, जब आप लोगों के बीच होते हैं तो अपना ख्याल कैसे रखना है।












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