जब हरभजन सिंह को गलत समझ बैठे थे शेन वॉर्न, टर्बनेटर ने सुनाया 22 साल पुराना किस्सा
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे महान स्पिनर की फेहरिस्त में शामिल ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर शेन वॉर्न का इसी महीने 52 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। शेन वॉर्न इस महीने अपने दोस्तों के साथ थाईलैंड में छुट्टियां मनाने पहुंचे थे जहां पर संदिग्ध रूप से हार्ट अटैक आने की वजह से उनका निधन हो गया। शेन वॉर्न के निधन की खबर ने दुनिया भर के खेल प्रेमियों को मायूस कर दिया है। रविवार को मेलबर्न में शेन वॉर्न की फेयरवेल सेरेमनी का आयोजन किया गया जिसमें उनके खास दोस्त और परिवार भी शामिल थे।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने भी इस मौके पर ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिनर के साथ बिताये अपने पलों को याद किया और उस घटना को याद किया जब शेन वॉर्न ने उन्हें गलत समझ लिया था। हरभजन सिंह ने 22 साल पुरानी घटना को याद करते हुए बताया कि वो अभी भी वॉर्न को खेल जगत का सबसे बेस्ट स्पिनर मानते हैं।
और पढ़ें: शेन वॉर्न को याद कर भावुक हुए शोएब अख्तर, बताया क्या दी थी फिरकी किंग ने सलाह

हरभजन ने याद किया 22 साल पुराना मैच
इतना ही नहीं हरभजन सिंह ने आगे बात करते हुए कहा कि उनके करियर के शुरुआती दौर में जिन खिलाड़ियों ने उन्हें खेलने की प्रेरणा दी उनमें से एक नाम शेन वॉर्न का भी था। हरभजन सिंह ने कहा कि वो इस दिग्गज खिलाड़ी को अपना आदर्श मानते थे और हमेशा उनके साथ खेलना चाहते थे और 2001 में जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ईडन गार्डन्स में खेले गये मैच में शिरकत करने उतरे तो उनका यह सपना पूरा हो गया।
उल्लेखनीय है कि यह वही ऐतिहासिक मैच है जिसमें हरभजन सिंह ने शेन वॉर्न का विकेट लेकर अपनी टेस्ट हैट्रिक पूरी की थी और पहले भारतीय बने थे जिसने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लने का कारनामा किया था। इस मैच में हरभजन सिंह और शेन वार्न एक अलग अंदाज में मिले थे जहां पर भारतीय टीम ने 171 रनों से जीत हासिल कर सीरीज में वापसी की थी और सीरीज का फाइनल मैच चेन्नई में खेला गया।

हरभजन को गलत समझ बैठे थे शेन वॉर्न
ब्रेट ली के साथ पोडकास्ट पर बात करते हुए हरभजन सिंह ने कहा,'मुझे एक कहानी सुनाने दीजिये जिसका जिक्र मैंने अपनी किताब में किया है, जिसकी छपाई का काम अभी जारी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान मेरी उनके साथ पहली मुलाकात हुई थी जिसमें मैंने 32 विकेट चटकाये थे। तीसरे टेस्ट मैच में वो स्टीव वॉ के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे और नॉन स्ट्राइकर एंड पर थे। मैं अपना रन अप लेते हुए उन्हें निहार रहा था, उन्होंने मेरी तरफ देखा और पूछा कि भाई तुम्हारी क्या दिक्कत है। मेरी तरफ क्या देख रहे हो। उन्हें ऐसा लगा कि मैं उनके साथ कुछ करने या कहने की कोशिश कर रहा हूं।'

कैसे हरभजन ने दूर की थी वॉर्न की गलतफहमी
हरभजन सिंह ने आगे बताया कि ऐसा होने के बाद मैं उनके पास पहुंचा और कैसे गलतफहमी को दूर करने की कोशिश ताकि चीजें हाथ से बाहर न निकले। हरभजन सिंह ने वार्न को जाकर बताया कि वो उनकी कितनी ज्यादा इज्जत करते हैं और वो उन्हें देखकर बस एक फैन ब्वॉय मोमेंट का हिस्सा बन रहे थे।
उन्होंने कहा,'उनकी बात सुनने के बात मैं उनके पास गया और कहा कि देखिये मैं बस अपने हीरो को निहार रहा था जो कि मेरे पास खड़ा है और यह मेरा सपना रहा था कि मैं आपको खेलता हुआ देखूं और मैं अब आपके साथ खेल रहा हूं जो कि मेरे लिये बहुत खास लम्हा रहा है। मैं बस उस लम्हे का मजा लेना चाह रहा था जिसमें मैं शेन वॉर्न के साथ खेल रहा हूं। यह सुनकर उन्होंने मुझसे शुक्रिया कहा और उस दिन के बाद से हम दोनों के बीच वो रिश्ता बन गया जिसमें हम एक दूसरे की इज्जत करते थे। जब मैंने 32 विकेट हासिल किये तो वो मेरे पास आये और मुझे बाद में धन्यवाद कहा। मैंं उनका यह जेस्चर देखकर काफी खुश हो गया। उन्होंने मुझसे कहा कि बहुत बढ़िया किया और तुम्हे अभी बहुत आगे जाना है।'












Click it and Unblock the Notifications