ब्लड कैंसर से जूझ रहे भारतीय टीम के पूर्व कोच, कभी अकेले ही पूरे पाकिस्तान पर पड़े थे भारी
Anshuman Gaekwad News: दो दिन पहले ही भारतीय टीम ने 17 साल के बाद टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने में कामयाबी हासिल की है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका को हराकर टी-20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीतने में कामयाब रही। इस बीच भारतीय टीम के खिलाड़ियों को एक बुरी खबर का सामना भी करना पड़ रहा है। दरअसल, भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज और कोच अंशुमान गायकवाड़ ब्लड कैंसर से जूझ रहे हैं।
दो बार बने थे भारतीय टीम के कोच
अंशुमान गायकवाड़ ने भारत के लिए 1975 से लेकर 1987 तक क्रिकेट खेली है। इस दौरान उन्होंने 40 टेस्ट और 15 वनडे मैचों में हिस्सा लिया है। इसके अलावा उन्होंने 1997 से 1999 तक टीम की कोचिंग भी संभाली है। वह अपने करियर में दो बार भारतीय टीम के हेड कोच बने। साल 2000 में भी वह एक बार फिर से कोच बनकर टीम की कमान को संभालने का काम किया।

ब्लड कैंसर से जूझ रहे हैं गायकवाड़
लंदन के अस्पताल में अंशुमान गायकवाड़ जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। पूर्व भारतीय खिलाड़ी संदीप पाटिल ने मिड-डे में छपे अपने कॉलम में उनके बारे में कुछ बातों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि अंशु ने मुझे बताया कि उन्हें इलाज के लिए फंड की जरूरत है। दिलीप और मैंने बीसीसीआई से इस बारे में बात की है। हमने अंशुमान से मिलने के बाद दूसरे क्रिकेटरों का ध्यान भी इस पर आकर्षित किया है।
पाकिस्तान के खिलाफ दिखाया था दम
अंशुमान ने अपने क्रिकेट करियर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ एक ऐतिहासिक पारी खेली थी। उन्होंने साल 1983 में पाकिस्तान के खिलाफ जालंधर टेस्ट मैच में 201 रन बनाने में कामयाबी हासिल की थी। यह उस समय का फर्स्ट क्लास क्रिकेट का सबसे धीमा दोहरा शतक था। इस पारी की बदौलत ही भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ यह मुकाबला ड्रॉ करने में सफल रही थी। पाकिस्तान टीम के सभी गेंदबाजों ने अंशुमान को आउट करने की कोशिश की। लेकिन वह अकेले ही मैदान पर डटे रहे और भारत के लिए यह मुकाबला ड्रॉ करवा दिया।












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