BJP विधायक ने किया था नाबालिग से रेप, 9 साल बाद मिली सजा, 8 साल की हो गई बेटी, अब कौन करेगा उसकी परवरिश?
दुद्धी विधानसभा से BJP विधायक रामदुलार गोंड को नाबालिग लड़की से रेप के मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को सजा सुनाई। विधायक ने 9 साल पहले अपने ही गांव की एक नाबालिग लड़की के साथ जबरन दुष्कर्म किया था। विधायक के खिलाफ नाबालिग के भाई ने केस दर्ज कराया था।
इस मामले में 9 साल तक सुनवाई चली और 12 दिसंबर को विधायक को कोर्ट ने दोषी करार दिया। शुक्रवार को विधायक को 25 साल सश्रम कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। सजा सुनाए जाने के बाद पीड़िता के भाई ने खुशी जाहिर की। उसने कहा कि अपनी बहन को न्याय दिलाने के बाद वह बहुत खुश है।

फिलहाल विधायक को सजा सुना दी गई और जेल भेज दिया गया, लेकिन सजा के बाद इस मामले में पीड़िता के वकील ने विधायक द्वारा नाबालिग का रेप किए जाने के बाद पैदा हुई बेटी के पालन-पोषण की मांग सरकार से की है। वकील द्वारा कहा गया कि मौजूदा समय में रेप पीड़िता की बेटी पीडि़ता के साथ रहती है।
कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद मीडिया कर्मियों से बात करते हुए पीड़िता के वकील ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामदुलार जी के द्वारा पीड़िता से बनाए गए नाजायज संबंध के कारण एक बच्ची पैदा हुई है, जो वर्तमान समय में पीड़िता साथ है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि वर्तमान समय जो प्रदेश में सरकार है, देश में सरकार है। बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की बात करती है। तो मुझे ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश सरकार (जिनके विधायक हैं रामदुलार जी) इस अपराध के लिए वह दोषी पाए गए हैं ऐसे में उत्तर प्रदेश की सरकार उसे बेटी को गोद ले और उसकी परवरिश की जिम्मेदारी निभाए।
ये है पूरा मामला
यह पूरा मामला 2014 का है। नवंबर 2014 में विधायक के ही गांव के रहने वाले एक युवक द्वारा विधायक (उस समय प्रधान पति) के खिलाफ बहन के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाते हुए म्योरपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की गई और विवेचना के बाद चार्ज शीट न्यायालय में दाखिल कर दिया गया था। थाने में विधायक के खिलाफ मु0अ0सं0-483/14 धारा 376,506 भा0द0वि0 व 5 (ठ)/6 पॉक्सो एक्ट 2012 दर्ज किया गया था। इस मामले में पोक्सो कोर्ट में मुकदमे का ट्रायल चल रहा था।
इसी बीच साल 2022 में दुद्धी विधानसभा से रामदुलार के विधायक चुने जाने के बाद यह मामला एमपी एमएलए कोर्ट में चला गया। उसके बाद इस मामले में सुनवाई करते हुए नवंबर माह में ही बहस पूरी कर ली गई थी और 12 दिसंबर को फैसला सुनाया जाना था। 12 दिसंबर को विधायक को कोर्ट ने दोषी करार दिया और शुक्रवार को 25 साल की सजा और 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।












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