हनीप्रीत राम रहीम के पास जाना चाहती है, हरियाणा पुलिस ने चेताया- न होने दी जाए इनकी मुलाकात
सिरसा। पंचकूला जिला अदालत से जमानत मिलने के बाद हनीप्रीत अंबाला जेल से सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा पहुंच गई है। वह शाह मस्ताना के अवतार दिवस पर डेरा में आयोजित कार्यक्रम में राम रहीम के परिजनों से मिली। अब उसने राम रहीम से मुलाकात करने के लिए जेल प्रशासन से गुहार लगाई है। वह चाहती है कि जेल में जाकर राम रहीम से मिले। राम रहीम सुनारिया जेल में बंद है। सिरसा पुलिस ने सुनारिया जेल सुपरिंटेंडेंट को चेताया है कि हनीप्रीत की राम रहीम से मुलाकात नहीं होनी चाहिए। क्योंकि, ऐसा होने पर व्यवस्था बिगड़ने का डर है।
गौरतलब है कि पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में हनीप्रीत को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सबसे बड़ी राजदार माना है। हनीप्रीत पर आरोप थे कि जब राम रहीम के खिलाफ बलात्कार एवं हत्या के आरोपों के मामलों में कार्रवाई की गई थी तो सिरसा-पंचकूला में हनीप्रीति के इशारों पर ही हिंसा भड़क उठी थी। हजारों डेरा अनुयायियों ने उत्पात मचाया था। उन्होंने वीटा मिल्क प्लांट व बेगू बिजली घर में पेट्रोल बम फेंके थे। साथ ही कई स्थानों पर आग लगा दी थी।

जेल से बाहर आकर राम रहीम के परिजनों से मिली हनीप्रीत
हालांकि, पिछले दिनों हनीप्रीत अंबाला जेल से बाहर निकली थी। पंचकूला हिंसा मामले में सीजेएम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को मंजूर की थी। इससे पहले पिछली सनवाई में कोर्ट ने उनके उपर से देशद्रोह की धाराओं को हटा दिया था। संवाददाता के अनुसार, हनीप्रीत व अन्य आरोपियों से भादसं की धारा 121 व 121ए हटाई गई थी। साथ ही IPC की धारा-216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत आरोप तय किए गए। राजद्रोह की धारा 2 नवंबर को कोर्ट ने हनीप्रीत के अलावा 15 अन्य आरोपियों पर से हटाई थी।

1000 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी
25 अगस्त 2017 को डेरा सचा सौदा के चीफ राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया गया था। इसके बाद हरियाणा के पंचकूला-सिरसा के अलावा पंजाब के कई हिस्सों में आगजनी एवं दंगे हुए थे। जिनमें करीब 40 लोग मारे गए थे। पुलिस ने डेरा प्रमुख की मुंह बोली बेटी हनीप्रीत, डेरा के प्रवक्ता आदित्य इन्सां सहित कुल 1000 लोगों के खिलाफ 177 एफआईआर दर्ज की थीं।

38 दिनों तक पुलिस के हाथ नहीं आई थी
केस दर्ज होते ही हनीप्रीत छुप गई थी। पुलिस उसे ढूंढ रही थी, लेकिन वह 38 दिनों तक पुलिस के हाथ नहीं आई। सितम्बर 2017 में उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। हालांकि, पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने हनीप्रीत को पंजाब से गिरफ्तार किया है। इसके बाद से ही वह अम्बाला जेल में बंद थी।












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