Sidhi पेशाब कांड पर सरकार का एक्शन बना 'नजीर', MP सीएम शिवराज की दो टूक, जरुरत पड़ी तो 10 फुट जमीन के नीचे...
Sidhi urine scandal action: मध्य प्रदेश में सत्ता में होते हुए अपनी ही पार्टी के नेता के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जो कल तक विपक्ष के लिए जुमले थी, वह हकीकत में देखने को मिली। मामला सीधी जिले का पेशाबकांड ही है। जिसमें विधायक प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला की करतूत फिर लिए गए एक्शन आज नजीर बन गए हैं।
देश की सियासत में ऐसे मामले विरले ही है, जब किसी मुख्यमंत्री ने खुद किसी अमानवीय कृत्य को संज्ञान में लेकर 24 घंटे के भीतर आरोपी और उससे जुड़े लोगों की अक्ल ठिकाने लगाने का काम किया। इस केस में लिए गए अब तक के एक्शन में सीएम शिवराज सिंह का एक और चेहरा जनता ने देख लिया हैं।

कोल आदिवासी युवक पर पेशाब करते हुए बीजेपी नेता प्रवेश शुक्ला का जिस किसी ने भी वीडियो देखा, उसकी जुबान से एक बात निकली कि यह इंसान नहीं 'जानवर' हैं। तो भला सीएम शिवराज सिंह भी इसे कैसे बर्दाश्त कर पाते। वीडियो देखते ही उन्होंने तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी के साथ एनएसए के तहत कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
24 घंटे के भीतर बड़ा एक्शन
वायरल वीडियो सरकार के संज्ञान में आते ही दो घंटे के भीतर आरोपी प्रवेश शुक्ला न सिर्फ अरेस्ट हो गया, बल्कि उनके खिलाफ आगे और एक्शन की तैयारी भी कर ली गई। अगले दिन का सूरज उगते ही मामा शिवराज ने दूसरे अपराधी माफियाओं की तर्ज पर आरोपी के घर बुलडोजर चलाने का फरमान जारी कर दिया। उनका ये फैसला मिसाल है संवेदनशीलता का। उन करोड़ों लोगों की भावनाओं का, जिनके दिल में यह बात खटकती है कि राजनीति के जुड़े लोगों को हर अपराध करने की छूट होती हैं। उनको सत्ता का संरक्षण होता हैं।
मामा की कार्रवाई बनी 'नजीर'
लेकिन चंद घंटों में एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने इरादे और वादे साफ़ जाहिर कर दिए। इस पेशाब कांड पर एक्शन लेते हुए प्रदेश की साढ़े सात करोड़ आबादी को मामा ने साफ़ संदेश दे दिया कि राज्य सिर्फ कानून का राज हैं। अपराधी कोई भी हो, किसी भी धर्म-जाति या राजनीतिक पार्टी का...कानून से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक ट्वीट का जबाव देते हुए सीएम ने लिखा कि अभी तो बुलडोजर चला है, जरुरत पड़ेगी तो ऐसा कृत्य करने वाले लोगों को 10 फीट जमीन के नीचे गाड़ दिया जाएगा।
MP में सिर्फ कानून का 'राज'
संदेश स्पष्ट है कि बीजेपी हो या कांग्रेस या फिर किसी और दल का नेता, यदि उसने गुनाह किया है तो वह अपराधी की श्रेणी में ही गिना जाएगा। न तो उसे किसी का संरक्षण होगा और न ही संरक्षण देने वालों को आगे बढ़ने दिया जाएगा। इस मामले की कार्रवाई सिर्फ नजीर ही नहीं बनी, बल्कि शिवराज सरकार ने अब विपक्ष की बोलती भी बंद कर दी हैं। जिन्हें कल तक अपना माना माना गया, उनके खिलाफ ऐसे एक्शन लेकर शिवराज ने खुद को 'हिम्मतवाला' साबित किया है। जिसकी आज आवाज दिल्ली तक ही नहीं, बल्कि पूरे देश में गूंजना शुरू हो गई हैं। जनता भी मामा की तारीफों के पुल बांध रही। पीड़ित, शोषित वर्ग के दिल में नया भरोसा जागा हैं। इस उम्मीद के साथ कि उसे अब इंसाफ में मिलने में देरी नहीं होगी।













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