श्रावस्ती: मनरेगा की मजदूरी कराने के बाद भी नहीं दिया जा रहा मेहनताना, ऐसे हड़पा जा रहा पैसा
श्रावस्ती। एक ओर जहां सरकार किसानों के हित की बातें किए जा रही है, वहीं उन्हें मनरेगा में मजदूरी का पैसा भी नहीं मिल पा रहा। श्रावस्ती जिले में ब्लॉक जमुनहा में किसानों का 2016 से लेकर 2017 तक की मजदूरी का मेहनताना अधिकारियों ने आपसी मिली-भगत में डकार लिया। किसान बैंकों के चक्कर काटते फिर रहे हैं।

इसी क्रम में शुक्रवार को किसान यूनियन से जुड़े लोगों ने शिकारी चौड़ा पटना जोगिया सहित कई अन्य ग्राम प्रधानों सहित पँचायत मित्र पर आरोप लगाए। लोगों ने कहा कि मनरेगा में हमारे किसान भाइयों ने जीतोड़ मेहनत कर काम किया, लेकिन जब मेहनताने की बात आई तो प्रधान और उसके साथियों ने तरह-तरह के बहाने बना दिए। कई बार बैंक के चक्कर लगाने के बाद भी कुछ नही हुआ।
एक किसान बाबूराम ने बताया, 'पँचायत मित्र कहता है कि पैसा आपके खातों में नही पहुँचा तो हम इसके जिम्मेदार नहीं हैं। वहीं, किसानों के जॉबकार्ड पर फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज कर बिना जॉबकार्ड धारकों को सूचना दिए पैसा बैंक से अपनी जेब में भर लेते हैं।'

पीड़ित किसान मुरली प्रसाद ने कहा कि अगर हम किसानों भाइयों का नरेगा कार्य का भुगतान नहीं किया गया, तो हम अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। ग्राम सभा पटना के किसान यूनियन की ओर से कहा जाता है कि ब्लॉक के हर ग्राम पंचायत में मजदूरों को नरेगा में मजदूरी करवाकर पूरा मेहनताना नहीं दिया जाता। पैसे को प्रधान और पंचायत प्रमुख डकार जाते हैं।

इस बारे में खण्ड विकास अधिकारी (BDO) को कई बार प्राथना पत्र दिया गया, लेकिन कोई कार्यवाई या सुनवाई नहीं हुई। सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसे दबंग ग्राम प्रधानों सहित पँचायत मित्रों कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।












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