कुदरत का करिश्मा: जिसे मरा हुआ समझा गया, वह आठ दिन बाद जिंदा मिला

Shimla news, शिमला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में धौलाधार की पहाड़ियों में लापता युवक को आखिरकार आठ दिन बाद खोज लिया गया। युवक दिल्ली से हिमाचल पर्वतारोहण के लिये आया था। दरअसल, 18 मार्च को दिल्ली के हिमांशु अहूजा हिमाचल प्रदेश के जिला कागड़ा के धर्मशाला से सटे मैकलॉेडगंज से धौलाधार की त्रियुंड पहाड़ियों पर पर्वतारोहण के लिये निकले, लेकिन रास्ते में लापता हो गये। इस बीच मौसम खराब हो गया तो उसे खोजने में दिक्कत आई व उसके जिंदा रहने की उम्मीदें खत्म हो गईं, लेकिन फिर दोबारा से तय किया गया कि उसकी लाश की ही खोज की जाये। हैरान की बात है कि आठ दिन बाद उसे यहां के पहाड़ों से रेस्क्यू कराया गया। उसके शरीर में मामूली चोटें आई हैं।

कॉलेज ट्रिप पर आया था हिमांशु

कॉलेज ट्रिप पर आया था हिमांशु

बताया जा रहा है कि हिमांशु अहूजा कॉलेज के ट्रिप पर यहां आया था। उसके साथ 40 छात्रों और अध्यापकों का एक समूह था। यहां धर्मशाला के पास भागसुनाग वॉटरफॉल्स के पास से हिमांशु अचानक लापता हो गया था। काफी ढूंढने के बाद भी जब छात्रों और अध्यापकों को वह नहीं मिला तो उन्होंने कॉलेज प्रशासन को सूचना दी। कॉलेज प्रशासन ने अपने स्तर से तालाश करवाई और फिर उसके न मिलने पर पुलिस में उसके लापता होने की एफआईआर दर्ज कराई गई। सभी ने उसके जिंदा रहने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन हिंमाशु के परिवार ने उम्मीद नहीं छोड़ी। हिमांशु के परिवार ने भी उसे ढूंढ़ने वाले को इनाम देने की घोषणा की। पुलिस और सेना की टीमें और दूसरी कई टीमें हिमाशुं को खोजने में लग गईं। पांच दिनों तक सब उसे ढूंढते रहे, लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली। हर किसी ने हार मान ली। इलाके का मौसम और जंगलों के बीच खोए हिमांशु को लेकर लगभग हर किसी ने यह मान लिया कि अब वह जिंदा नहीं बचा होगा। इस बीच कांगड़ा के एसपी ने एक बार फिर खोज अभियान चलवाने का फैसला लिया।

तीन दिनों की कड़ी मेहनत के बाद मिला हिंमांशु

तीन दिनों की कड़ी मेहनत के बाद मिला हिंमांशु

तीन दिनों की कड़ी मेहनत के बाद खोज अभियान में निकले पर्वतारोही रंजीत सिंह ने हिंमाशु को खोज निकाला। रंजीत सिंह व उनके साथी, आठ दिन बाद हिमांशु तक पहुंचे तो उसके पैरों में चोटें आई थीं। उन्होंने बताया कि हिमांशु एक पेड़ के नीचे गुमसुम बैठा था। पास में एक छोटी गुफा थी और एक झरना बह रहा था। वहां खाने को कुछ भी नहीं था। उन लोगों को आश्चर्य है कि इतने कम तापमान में वह बिना खाने के सिर्फ पानी पीकर कैसे आठ दिनों तक जीवित रहा।

सदमे में है हिमांशु

सदमे में है हिमांशु

कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक संतोष पटियाल ने कहा कि जब हिमांशु लापता हुआ था तब उसने गर्म कपड़े पहन रखे थे और सिर पर एक गर्म टोपी लगाई थी। उसका कुछ छात्रों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था जिसके बाद वह उनसे अलग चला गया और भटक गया था। उसे कांगड़ा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वह सदमे में है। ट्रैकर्स ने बताया कि जिस इलाके में उन्होंने हिमांशु को खोजा है वह इलाका उनके लिए बहुत ही आम है। उन लोगों ने पहले कॉलेज ट्रिप के लोगों से बातचीत में सूचना एकत्र की उसके बाद उसे खोजने निकले। हिमांशु के मिलने के बाद ट्रैकर्स ने उसके साथ फोटो खींचे और वीडियो बनाया। वे लोग हिमांशु के सुरक्षित मिलने से बहुत खुश हुए।

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