Shahjahanpur:सरकारी स्कूल में यौन उत्पीड़न की घटना के बाद दहशत में आई छात्राएं ,अधिकांश ने स्कूल आना किया बंद
शाहजहांपुर जिले के तिहर थाना क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल में नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण मामले मे पुलिस ने कंप्यूटर अनुदेशक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस घटना के बाद अधिकांश छात्रों ने स्कूल आना बंद कर दिया है।

Shahjahanpur News: सनसनीखेज खबर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से सामने आई है। यहां तिलहर क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल में बच्चियों से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न करने के आरोप में कम्प्यूटर ऑपरेटर अनुदेशक को थाना तिलहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस गिरफ्त में आए कंप्यूटर शिक्षक मोहम्मद अली पर पुलिस पॉक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर ग्राम प्रधान की ओर से दायर की गई। वहीं, अब यौन उत्पीड़न की घटना से सरकारी स्कूल की छात्राओं और उनके अभिभावकों के मन में डर बैठ गया है।
ऐसा बताया जा रहा है कि इस डर और दहशत की वजह से अधिकांश छात्राओं ने स्कूल आना बंद कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल में छात्राओं की उपस्थिति 35 प्रतिशत कम हो गई है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल में आने वाली नाबालिग छात्राओं का आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर मोहम्मद अली यौन शोषण करता था।
आरोपी शिक्षक छात्राओं को बदनामी का भय दिखाता था। इतना ही नहीं, तमंचा और चाकू दिखाकर भी वह छात्राओं को खामोश रहने की हिदायत दे देता था। खबर के मुताबिक, नाबालिग लड़कियों ने अपने घर पर माता-पिता को पूरी बात बताई तो उनके होश उड़ गए।
बच्चों के माता की मानें तो लड़कियों ने खुलकर बात नहीं की होती तो यौन उत्पीड़न जारी रहता। मामले का संज्ञान लेते हुए और ग्राम प्रधान की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, प्रधानाध्यापक अनिल कुमार और सहायक शिक्षक साजिया पर मामला दर्ज किया गया है।
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बता दें कि पुलिस जांच के दौरान स्कूल के शौचालय में कई आपत्तिजनक वस्तुएं मिली थीं। इस मामले में पुलिस ने अनुदेशक को जेल भेज दिया था। वहीं, अनिल और शाजिया को बीएसए ने निलंबित कर दिया। साथ ही, अनुदेशक की सेवाएं भी समाप्त कर दीं।
इस घटना पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कुमार गौरव ने कहा, "50 छात्राओं सहित 112 विद्यार्थियों में से केवल 35 प्रतिशत सोमवार को उपस्थित हुए। यह स्पष्ट है कि घटना के बाद छात्राओं को स्कूल आने में डर लगने लगा है।" उन्होंने कहा कि विभाग विद्यार्थियों और अभिभावकों की काउंसलिंग सुनिश्चित करेगा।
वहीं, दूसरी तरफ बच्चियों के साथ हुई यौन शोषण की घटना के बाद से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों डरे हुए हैं। वो लाख समझाने के बाद अपने बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं है।












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