MP Ikra Hasan: क्या है पूरा मामला जिसमें ADM पर महिला सांसद से अभद्रता का लगा आरोप, जानिए सभी पहलू
MP Ikra Hasan: सहारनपुर में एडीएम कार्यालय में कथित अभद्रता का मामला राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। कैराना से सपा सांसद इकरा हसन और नगर पंचायत अध्यक्ष शमा परवीन के साथ हुई कथित घटना के खिलाफ समाजवादी पार्टी सख्त रुख अपनाए हुए है।
सपा के जिला अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों तक ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजे हैं। पार्टी पदाधिकारियों ने एडीएम पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान का सवाल है।

सांसद इकरा हसन ने बताया कि वह और शमा परवीन 1 जुलाई को दोपहर बाद एडीएम कार्यालय पहुंची थीं। जनसमस्याओं पर चर्चा के उद्देश्य से यह मुलाकात तय थी, लेकिन वहां उनके साथ अपमानजनक व्यवहार हुआ।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र, जांच की मांग
सपा महानगर प्रभारी अभिषेक टिंकू अरोड़ा और जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद ने मुख्यमंत्री को अलग-अलग पत्र भेजे हैं। उन्होंने कहा कि सांसद के साथ ऐसा व्यवहार निंदनीय है और इसे किसी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पार्टी नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का आचरण लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। यदि अधिकारियों का यही रवैया रहा तो जनता की समस्याएं कभी हल नहीं हो पाएंगी।
अखिलेश यादव का बयान, अधिकारी पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी सांसद का सम्मान नहीं कर सकता, वह आम जनता के प्रति क्या रवैया अपनाएगा, यह सोचने का विषय है।
अखिलेश यादव ने मामले को महिला जन प्रतिनिधि के अपमान से जोड़ते हुए इसे भाजपा सरकार के महिला सशक्तिकरण के दावों के खिलाफ उदाहरण बताया।
पूर्व सांसद ने कहा - 'इकरा हसन हमारी बेटी है'
वहीं इस मामाल में पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने फेसबुक पर कहा कि यह मामला केवल एक सांसद का नहीं, बल्कि महिला प्रतिनिधियों के सम्मान का है। उन्होंने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए कहा कि पार्टी इस मसले पर सांसद के साथ खड़ी है।
मामले में एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि सांसद से मिलने की सूचना मिलते ही वह कार्यालय पहुंचे और सिर्फ सामान्य बातचीत हुई।
एडीएम के अनुसार सांसद ने ईओ से जुड़ी शिकायत बताई, लेकिन कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी को बाहर निकलने के लिए नहीं कहा और सभी जनप्रतिनिधियों का सम्मान करते हैं।
जांच प्रक्रिया शुरू, रिपोर्ट का इंतजार
कैराना सांसद की ओर से शासन और मंडलायुक्त को शिकायत भेजी गई है। इसके आधार पर जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित एडीएम से जवाब मांगा गया है।
सांसद इकरा हसन ने कहा कि अगर सरकार 'बेटी बचाओ' और 'महिला सशक्तिकरण' के नारे देती है तो प्रशासन में भी उस भावना का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला प्रतिनिधियों को अपमानित करना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एडीएम ने जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और जानबूझकर अनदेखा किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।












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