भूख से तड़प रहा था कुख्यात ईनामी बदमाश, हॉस्टल में खाना चुराने घुसा तो लोगों ने धर लिया
सागर के जैसीनगर इलाके में गैंगरेप, चोरी, लूट, हत्या के प्रयास सहित कई मामलों में फरार अपराधी चैनसिंह आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। वह सिलवानी में एक हॉस्टल में खाना चोरी करने घुसा था, जहां लोगों ने पकड़ लिया।

Madhya Pradesh के सागर जिले में पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका कुख्यात व ईनामी अपराधी चैनसिंह अपनी भूख के कारण पकड़ा गया। वह बीते 9 महीनों से सागर पुलिस को चकमा देकर जंगलों में घूम रहा था। बीते रोज पड़ोसी जिले के सिलवानी में वह भूख मिटाने के लिए एक हॉस्टल में भोजन चोरी करने की नियत से घुसा तो हॉस्टल स्टाफ और छात्रों ने उसे धर लिया। पुलिस को खुद यकीन नहीं हो रहा था कि इतना खतरनाक और चालाक अपराधी को अनजाने में लोगों इनती आसानी और दिलेरी से पकड़ लिया। हालांकि उन्हें पता नहीं था कि उन्होंने खाना चुराते हुए किसे पकड़ा है, जब पुलिस पहुंची और पूछताछ की तो पता चला कि यह कुख्यात अपराधी है।

बीते साल मई में एक युवती से गैंग रेप का फरार हुआ अपराधी चैनसिंह पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। 30 हजार रुपए के इस इनामी अपराधी को सागर-रायसेन की पुलिस ने संयुत कार्रवाई कर सिलवानी के हॉस्टल में चोरी करते वक्त दबोच लिया। पुलिस को उसके ठिकाने से बड़ी मात्रा में डिटोनेटर वायर मिले हैं। इसके अलावा छब्बल, गुलेल, टार्च समेत अन्य धारदार हथियार भी मिले हैं। एसपी तरुण नायक ने इस बड़ी सफलता के बाद मीडिया से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हमारी एक टीम चैनसिंह का लगातार पीछा कर रही थी, लेकिन स्थानीय सहयोगियों की बदौलत वह हर दफा हमारे हाथ से फिसल जाता। एक दिन पहले हमारी टीम को उसके बारे में पुख्ता सूचना मिली। जिसके अनुसार सागर-रायसेन के सीमांत जिले के निवासी गुड्डा ठाकुर उसकी मदद कर रहा है। वह उसे खाना, कपड़ा समेत अन्य रोजमर्रा की जरूरत की सामग्री उपलब्ध करा रहा है। मंगलवार तड़के हमारी टीम ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने बताया कि चैनसिंह सिलवानी तरफ गया है। इसी बीच सूचना मिली कि हॉस्टल के स्टाफ ने एक व्यति को पकड़ रखा है। जिसका हुलिया चैनसिंह से मिलता-जुलता है। मौके पर जाकर कनफर्म किया तो वह यही दुर्दान्त अपरााी था।
जंगल के चौकीदार के वेष में कर रहा था चोरियां
पुलिस को चैनसिंह के पास से वनकर्मियों की यूनिफार्म व कैप मिला है। पूछताछ में जानकारी सामने आई है कि वह स्वयं को जंगल का चौकीदार बताता था। उसने रायसेन के जंगलों में एक टपरिया बना रखी थी। जहां वह छिपा रहता था। सूत्रों के अनुसार वह सिलवानी के इस हॉस्टल में एक दफा और चोरी कर चुका था। जिसकी जानकारी हॉस्टल के प्रबंधन को मिल गई। चूंकि हॉस्टल के गेट में एक डिवाइस लगा था। जो गेट को खोलने पर प्रबंधक के कमरे में अलार्म देता था। इसी के चलते हॉस्टल प्रबंधन से जुड़े लोगों ने उसे मंगलवार अलसुबह पकड़ लिया। चर्चाओं के अनुसार वह हॉस्टल में खान-पान की सामग्री चोरी करने घुसा था।
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गुलेल से पक्षियों का शिकार, चोरी के डेटोनेटर वायर
पुलिस सूत्रों के अनुसार उसके पास मिली गुलेल से वह घने जंगल में जंगली पक्षियों का शिकार करता था। अन्य भोजन सामग्री की व्यवस्था वह सहयोगी गुड्डा सरीखे लोगों से कर लेता थ। पुलिस अब उसके अन्य सहयोगियों की पहचान भी कर रही है। इधर उसके पास जो डेटोनेटर मिले हैं। वह चोरी के हो सकते हैं। पुलिस इस मामले में उसके खिलाफ विस्फोटक सामग्री अधिनियम के तहत कार्रवाई कर रही है। एसपी नायक ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया जाएगा ताकि उनसे अन्य अपराधों के बारे में जानकारी निकाली जा सके। पुलिस की इस सफलता में टीआई आनंदराज, एसआई शशिकांत गुर्जर, शिवम दुबे, धर्मेंद्र लोधी, हेड कांस्टेबिल अश्विनी भल्ला व अन्य समेत रायसेन के एसआई भारतसिंह व उनकी टीम की विशेष भूमिका रही। एसपी नायक ने बताया कि चूंकि यह अपरााी जनता के सहयोग से पकड़ा गया है कि इसलिए इनामी राशि उन्हें दी जाएगी। इस संबंध में जल्द ही आईजी सागर को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।












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