Sagar: सेंट्रल यूनिवर्सिटी में ख्यातिनाम लेखकों की हिन्दी गैलरी और हिन्दी क्लब बनेगा
डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल विवि सागर के राजभाषा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि विवि में हिन्दी लेखकों की गैलरी तैयार कराई जाए और हिन्दी क्लब स्थापित हो, ताकि हिन्दी के बारे में लोग जान व समझ सकें।

देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए राजभाषा प्रकोष्ठ गठित किए गए हैं। सागर के डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी में समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए हिन्दी क्लब व हिन्दी लेखकों की एक गैलरी तैयार कराई जाए। यहां विख्यात साहित्यकारों और लेखकों के जीवन वृत्त को प्रदर्शित किया जाएगा।
सागर. डॉ हरीसिंह गौर विवि सागर के राजभाषा प्रकोष्ठ की तिमाही बैठक के दौरान अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि विवि परिसर में हिंदी के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हिंदी क्लब बनाया जाएगा। इसी के साथ सुविख्यात साहित्यकारों एवं लेखकों के जीवन वृत्त के साथ हिंदी गैलरी बनाई जाएगी। हिंदी में काम करने के लिए जागरूकता और प्रेरणा के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए एक पत्रिका का प्रकाशन किया जाएगा।

शिक्षा का माध्यम भारतीय भाषाओं में हो: कुलपति
कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है कि शिक्षा का माध्यम भारतीय भाषाओं में हो। ऐसे में राजभाषा के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को पूर्ण करने की दिशा में हिंदी में काम-काज और अपने दैनिक जीवन में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने में हम सफल होंगे। राजभाषा प्रकोष्ठ की वार्षिक पत्रिका भाषा भारती का भी विमोचन हुआ। बैठक में राजभाषा में कामकाज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अन्य कई विचार बिंदुओं पर चर्चा हुई। समिति की अध्यक्षा एवं कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विश्वविद्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगामी प्रगति की समीक्षा की और महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए।
राजभाषा प्रकोष्ठ के कार्यों को पटल पर रखा
हिन्दी अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे प्रभारी कुलसचिव संतोष सोहगौरा ने समिति के समक्ष राजभाषा के प्रगामी प्रयोग की दिशा में किए जा रहे कार्यों का प्रतिवेदन और जानकारी समिति के समक्ष रखी। बैठक में प्रो. पीके कठल, प्रो. सुबोध जैन, प्रो. एसएच आदिल, प्रो. आनन्दाप्रकाश त्रिपाठी, प्रो. भवतोष इंद्र गुरू डॉ. विवेक बी साठे, डॉ. राजाभाउ तुकाराम बेद्रे, डॉ. सत्यिप्रकाश उपाध्यााय, रूपेन्द्र जुगल चौरसिया, डॉ. मुकेश कुमार साहू, राजकुमार पाल, डॉ. एस.पी. गादेवार, डॉ. अभिषेक जैन, श्रीमती ए. लक्ष्मी, डॉ. सुमन पटेल, डॉ. विवेक जायसवाल, हिन्दीज अनुवादक अभिषेक सक्से.ना एवं हिन्दीे टंकक विनोद रजक उपस्थित रहे।












Click it and Unblock the Notifications