MP election 2023: सागर की बंडा सीट बनी 'चुनाव का चौराहा', चार चेहरे चारों धुरंधर, हर किसी का चैलेंज
MP election 2023: मध्य प्रदेश के चुनावी घमासान में हर दल ने अपनी प्रचंड जीत के इरादे से उम्मीदवार उतारे हैं। प्रत्याशियों की ताकत उनके क्षेत्र में बनी पैठ और गुजरे वक्त में जनता के लिए किए काम अहमियत रखेंगे। लेकिन कुछ जगहों पर सीधा मुकाबला दो दलों में न होकर चतुष्कोणीय हालात बन रहे हैं।
बड़ी वजह बीजेपी छोड़ बीएसपी में शामिल हुए रांजोर सिंह बुंदेला और बीजेपी छोड़ आम आदमी पार्टी में शामिल हुए सुधीर यादव हैं। दोनों नेताओं को पार्टी ने उम्मीदवार घोषित किया। बीजेपी से वीरेंद्र लोधी और कांग्रेस से तरवर लोधी मैदान में हैं। यहां पहले हुए चुनाव में सीधी टक्कर बीजेपी-कांग्रेस में ही रही।

इस बार सागर के पूर्व सांसद लक्ष्मी नारायण यादव के बेटे सुधीर यादव बीजेपी से टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे। लेकिन एन मौके पर बीजेपी की पांचवी लिस्ट में चली कैंची के दौरान टिकट वीरेंद्र लोधी की झोली में गई। दूसरे बड़े दावेदार के रूप में रांजोर सिंह बुंदेला भी थे। बुंदेला भी बीजेपी से टिकट की आस लगाए बैठे थे। लेकिन जब उनकी उम्मीदों पर भी पानी फिरा तो टिकट के लिए बीएसपी के दरवाजे खुले थे। बसपा ने उन्हें उम्मीदवार घोषित कर दिया।
आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी सुधीर यादव ने कहा है कि जो हमारा यूज कर रहे थे, हम उनको धराशाही कर देंगे। जब से बीजेपी ने बंड़ा विधानसभा से वीरेंद्र लोधी को प्रत्याशी घोषित किया तबसे ही उनका विरोध जारी रहा। एक तरह कांग्रेस से ज्यादा बीजेपी के लिए चुनाव जीतना यहां बड़ी चुनौती हैं। बीजेपी को कभी अपने रहे ताकतवर लोगों से भी लड़ना हैं और हमेशा से विरोधी खेमे वाली पार्टी कांग्रेस के प्रत्याशी से भी।
वोट बैंक के गणित के हिसाब सुधीर यादव का यादव समाज के साथ लोधी बैंक तगड़ा हैं। बीजेपी में रहते हुए इस क्षेत्र में काफी एक्टिव रहे। दूसरी तरफ बुंदेला का भी कुछ ऐसा ही मिजाज रहा हैं। लिहाजा सियासी पंडितों के समीकरणों के हिसाब से बीजेपी-कांग्रेस की जीत हार में सबसे बड़ी भूमिका इन दोनों प्रत्याशियों को मिलने वाले वोट ही तय करेंगे।
संवाद सूत्र ब्रजेश रजक सागर मध्यप्रदेश












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