UPSC Success Story: पिता की मौत के बाद मां ने टूटने नहीं दिया सपना, रीवा की वेदिका ने हासिल की 96वीं रैंक
Vedika Bansal Success Story: संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में विंध्य क्षेत्र की वेदिका बंसल ने पूरे देश में 96वीं रैक प्राप्त किया है। इस सफलता में वेदिका की मां मीना बंसल की बड़ी भूमिका रही।
मीना बंसल ने अपने पति की मौत के बाद बेटी के सपने को टूटने नहीं दिया। हर वक्त मनोबल बढ़ाने का काम किया। वेदिका की सफलता पर न सिर्फ उनके परिवार और उनके जानने वाले बल्कि पूरे विंध्यवासियों में हर्ष का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

सतना जिले के जैतवारा की रहने वाली वेदिका बंसल ने यूपीएससी की परीक्षा पास की है। वर्तमान में वह रीवा शहर के हेडगेवार नगर में रह रही है। यूपीएससी के परीक्षा परीक्षा परिणाम में 96वी रैंक हासिल की है। 25 साल की वेदिका अपने मां-बाप की इकलौती बेटी हैं। यह सफलता उन्होंने अपने तीसरे अटेम्प्ट में हासिल की है। वेदिका के पिता कोरोनाकाल में निधन हो गया था। इस वजह से उनकी पढ़ाई दो साल प्रभावित भी हुई थी।
पिता की मौत के बाद टूट गई थी वेदिका
वेदिका बताती हैं कि आज भी उन्हें उनके पिता के ना रहने की कमी महसूस होती है। उनके पिता कोरोना की पहली लहर में स्वर्गवासी हो गए थे। जिसके बाद दो साल तक उनकी पढ़ाई प्रभावित रही। 2021 और 2022 में उन्होंने कोई अटेम्प्ट नहीं दिया। इसके बाद परिजनों के मार्गदर्शन से उन्होंने अपने आप को दोबारा मानसिक रूप से तैयार किया। साथ ही परीक्षा की तैयारी दोबारा शुरू कर दी।
यूपीएससी पास करने का बताया मंत्र
वेदिका अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार वालों और अपने दोस्तों को देती हैं। वेदिका बताती हैं कि पिछले 2 अटेम्प्ट में उनका सिलेक्शन नहीं हुआ। इस बात को लेकर वह थोड़ी चिंतित थी। लेकिन साथ ही मन में यह विश्वास भी था कि वे एक दिन जरूर सफलता हासिल करेंगी।
वेदिका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रीवा के ज्योति स्कूल से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से कंप्लीट की है। वेदिका बताती हैं कि वे हर दिन 8 से 9 घंटे पढ़ाई करती थी। जिसके लिए उन्होंने दो-दो घंटे के ब्रेक में एक समय सारणी बना रखी थी। वह भले ही 8 से 9 घंटे पढ़ाई करती थी लेकिन उस रूटीन चार्ट का कड़ाई से पालन करती थी।
आईएएस बनकर स्वर्गीय पिता के सपने को किया साकार
वेदिका की मां उनकी इस सफलता पर भावुक हो गई। उन्होंने कहा कि वेदिका के पिता अगर आज जीवित होते तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना ना होता। वेदिका के पिता अरुण बंसल का सपना था कि पारिवारिक बिजनेस से हटकर बेटी सिविल सर्विस में जाए। बेटी ने पिता का यह सपना पूरा तो जरूर किया। लेकिन वेदिका के पिता आज का दिन देखने के लिए हमारे बीच नहीं हैं। इस बात का बहुत ज्यादा दुख है।
मां मीना बंसल ने बताया कि परीक्षा परिणाम घोषित हुए हैं। तब से बधाई देने वालों का तांता लग गया है। मेरी बेटी शुरू से ही पढ़ने में बहुत होशियार थी। अपनी कक्षा में पढ़ाई के मामले में हमेशा सबसे आगे रहती थी। 12 की परीक्षा में बेटी ने 98 प्रतिशत हासिल किए थे। परिजनों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से ये संभव हो पाया है। वेदिका के भाई वेदांत बंसल और भाभी मीना बंसल (CA) हमेशा उसे मार्गदर्शन देते रहते थे।












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