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मिशनरीज ऑफ चैरिटी की संस्था में छापेमारी, नहीं मिल रहा 927 बच्चों का सुराग

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रांची। पिछले साल मिशनरी ऑफ चैरिटी के निर्मल ह्रदय में बच्चा बेचने के मामले में 927 बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है। सीआईडी की जांच रिपोर्ट के अनुसार साल 1995 से साल 2018 तक निर्मल ह्रदय संस्था में जिन अविवाहित मांओं को भर्ती किया गया था, उनसे जन्मे 927 नवजातों के बारे में निर्मल ह्रदय के द्वारा सीडब्ल्यूसी को न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही केस के अनुसंधानकर्ता को कोई जानकारी दी गई है।

सीआईडी ने छापा मारा

सीआईडी ने छापा मारा

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सीआईडी ने बीते शुक्रवार को सुबह आठ बजे बच्चा बेचने के मामले में दर्ज किए गए एफआईआर के सिलसिले में निर्मल ह्रदय में छापा मारा। छापेमारी देर रात तक चली। इस दौरान सीआईडी ने निर्मल ह्रदय के ऑफिस से अविवाहित माता एडमिशन रजिस्टर, सदर अस्पताल में नवजात के जन्म से जुड़े कागजात, एडॉप्शन से जुड़े अहम कागजात जब्त किये।

पहले भी हुई थी छापेमारी

पहले भी हुई थी छापेमारी

सीआईडी टीम में इंस्पेक्टर रविकांत प्रसाद, सीआईडी महिला कोषांग प्रभारी आभा वर्मन सहित पांच अधिकारी शामिल थे। बता दें कि 23 सितंबर को भी सीआईडी ने छापेमारी की थी। इंस्पेक्टर रविकांत कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की थी। लेकिस संस्था का कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिला था। इस कारण सीआईडी को खाली हाथ लौटना पड़ा था। छापेमारी के वक्त सीआईडी को बताया गया कि संस्था की कोई प्रमुख सिस्टर मौजूद नहीं है।

साल 2018 में मामला आया था सामने

साल 2018 में मामला आया था सामने

दरअसल, साल 2018 में 3 जुलाई को निर्मल ह्रदय से एक नवजात शिशु को डेढ़ लाख रुपये में बेचने के मामला सामने आया था। उत्तर प्रदेश की दंपत्ति को बच्चा बेचने के मामले में तब निर्मल ह्रदय की सिस्टर कौनसिलिया बाखला और सिस्टर अनिमा इंदवार को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान अनिमा के पास से पुलिस ने 1.20 लाख रुपये बरामद किए थे। हालांकि बाद में सीआईडी ने इस केस को टेकओवर कर लिया था। सीआईडी के द्वारा मिशनरी ऑफ चैरिटी की सिस्टर मेरीडियन सहित 18 अभियुक्तों के खिलाफ पूरक अनुसंधान किया जा रहा है।

अविवाहित महिलाओं को फुसलाया जाता है

अविवाहित महिलाओं को फुसलाया जाता है

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक सीआईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि निर्मल ह्रदय के कर्मचारी अलग-अलग लोगों से संपर्क कर अविवाहित गर्भवती बच्चियों व महिलाओं को अपने संस्थान में भर्ती करवाती हैं। यहां गर्भवती महिलाओं को समझाया जाता है कि अगर वो अपने बच्चे को लेकर गांव जाएगी तो बदनामी होगी। बच्चे के जन्म के बाद उसे संस्थान में ही रखवा लिया जाता है। इसके बाद इन बच्चों को एडॉप्शन के नाम पर जरूरतमंद लोगों को बेच दिया जाता है। और एडॉप्शन की जानकारी सीडब्ल्यूसी या किसी दूसरी एजेंसी को भी नहीं दी जाती।

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English summary
cid did raids in nirmal hriday missionaries of charity in ranchi
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