गुजरात की इस लोकसभा सीट पर किसकी होगी जीत? यहां से चुने जा चुके हैं 3 मुख्यमंत्री
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात में राजकोट ऐसा निर्वाचन क्षेत्र रहा है, जहां से तीन-तीन मुख्यमंत्री चुने जा चुके हैं। उस दौरा में जब गुजरात और महाराष्ट्र एक ही प्रांत होते थे, तब सौराष्ट्र की इस सीट से उछंगराय धेबर यानी ढेबरभाई (पूर्व मुख्यमंत्री) चुनाव लड़े थे औऱ जीतकर पार्लियामेंट पहुंचे। उनके अलावा 1952 में मेजर जनरल हिम्मत सिंह जडेजा और खांडूभाई देसाई कांग्रेस की ओर से जीतकर पार्लियामेंट पहुंचे।

1957 में राजकोट सीट अस्तित्व में नहीं थी। हालांकि, वर्ष 1962 में यहां से लोकसभा चुनाव होने लगे। तब यहां से उछंगराय नवलशंकर धेबर चुने गए, जोकि स्वतंत्रता सेनानी रहे थे। देश की आजादी के बाद उन्होंने 1948 से 1954 तक मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभाला। हालांकि, वह राजनीति में एक साधारण व्यक्ति की तरह सक्रिय रहे। वे 1955 से 1959 तक 5 बार कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए।
धेबर के बाद राजकोट से 1965 और 1967 के लोकसभा चुनावों में रुस्तम मसानी जीते थे। 1971 में पूर्व मुख्यमंत्री घनश्याम ओझा कांग्रेस से जीते। इसी तरह, भारतीय लोकसभा के सदस्य औऱ पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल भी राजकोट के सांसद थे। 1980 में कांग्रेस से रामजी मेवानी और 1984 में रमाबेन पटेल इस सीट से सांसद बने।
यह भी दिलचस्प है कि राजकोट सीट 1999 को छोड़कर 1989 से भाजपा का गढ़ रही है। शिवलाल वेकारिया दो बार, वल्लभ कथिरिया चार बार और मोहन कुंडारिया एक बार चुने गए। अब लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के मोहन कुंडारिया फिर एक बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं।












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